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माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों ने डीपीओ कार्यालय को घेरा, कार्रवाई के विरुद्ध किया प्रदर्शन
25 फरवरी से माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। स्कूलों में तालाबंदी और मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। शुक्रवार को इन शिक्षकों ने डीपीओ स्थापना कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना था कि सरकार शिक्षकों से वार्ता न कर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। होली जैसे महान पर्व पर सरकार ने असंवैधानिक और नरसैगिक न्याय के विपरीत शिक्षकों के कार्य अवधि के वेतन पर रोक लगा दी है। जो काफी खद है। शिक्षकों ने डीपीओ स्थापना का घेराव करते हुए अपने कार्य अवधि के वेतन आदि पर रोक के विरुद्ध स्मार पत्र भी डीपीओ स्थापना प्रभारी संजय कुमार को सौंपा और कार्य अवधि का वेतन जल्द से जल्द जारी करने की मांग की। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के हड़ताल के कारण उच्च विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष ददन कुमार सिंह और शिक्षक राम कन्हाई शास्त्री ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों के समक्ष शिक्षक झुकने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार हम शिक्षकों की मांगें नहीं मान लेती तब तक हम लोगों का यह विरोध प्रदर्शन और धरना और हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कार्य अवधि के वेतन के रोक के बारे में कहा कि सरकार शिक्षक संगठनों से बात नहीं कर उन्हें डरा धमका रही है। मेजर आशुतोष पार्क के पास माध्यमिक शिक्षकों का धरना भी जारी है। हड़ताल अवधि में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंक कर भी प्रदर्शन किया था। वही इन शिक्षकों का हौसला बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठन भी शिक्षकों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा है कि सरकार शिक्षकों से यथाशीघ्र समझौता करें ताकि बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। डीपीओ कार्यालय के घेराव में बड़ी संख्या में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद थे।
खून-पसीने के पैसे को सरकार बंदरबांट करना चाहती
वेतनमान, सामान सेवा शर्त, राज्य कर्मी का दर्जा इत्यादि जैसे कम कुछ भी बिहार के शिक्षकों को मंजूर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का सदन में दिया गया झूठा आश्वासन व शिक्षकों को नजरअंदाज कर जनता के खून पसीने के पैसा को सरकार बंदरबांट करना चाहती है। इसलिए सरकार शिक्षकों की समान मांगों को पूरी करने में आनाकानी कर रही है। किसी भी सरकार को अहंकार में इतना मदमस्त नहीं होना चाहिए कि होली जैसे रंगीन पर्व को भी बेरंग कर दे। मौके पर भानु प्रताप सिंह सहित जिलेभर के सैकड़ों की संख्या में हड़ताली शिक्षक मौजूद थे।
शिक्षकों के सम्मान से जुड़ी है यह लड़ाई :आनंद कौशल
सूबे के लाखों प्रारंभिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर के शिक्षक अपने पेट की लड़ाई नहीं बल्कि करोड़ों गरीब बच्चों की शिक्षा को बचाने व शिक्षकों के सम्मान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उक्त बातें शुक्रवार को सदर के बीआरसी में धरना स्थल से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मंडल सह कोर कमेटी के सदस्य आनंद कौशल सिंह ने हड़ताल के 26वें दिन कटिहार जिले के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सूबे के लाखों हड़ताली शिक्षक अपनी मांगों को पूरी करवाने तक इस अनिश्चितकालीन हड़ताल को जान की बाजी लगाकर जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं।
डीपीओ स्थापना प्रभारी को सौंपा आवेदन, जल्द से जल्द वेतन जारी करने की मांग
धरना स्थल पर संबोधित करते शिक्षक नेता।
डीपीओ (स्थापना को मांगपत्र सौंपते हड़ताली शिक्षक।
कार्यालय परिसर को जाम कर पोर्टिको में धरना पर बैठे शिक्षक।