बारिश अाैर तूफान से पटरियों की सुरक्षा काे ले बनी रणनीति, 150 गश्ती दल करेगा निगरानी

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:05 AM IST

Katihar News - रेल प्रशासन मानसून अाने के साथ ही शुरू हाेने वाली अांधी-बारिश में यात्रियाें की सुरक्षा काे लेकर किसी भी...

Katihar News - strategies to protect the tracks from rain and storm 150 guards will monitor
रेल प्रशासन मानसून अाने के साथ ही शुरू हाेने वाली अांधी-बारिश में यात्रियाें की सुरक्षा काे लेकर किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रहा है। जिसके लिए 15 अक्टूबर तक कटिहार समेत विभिन्न रेल मंडलों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी अाैर अधिक सामग्री लगाए जाएंगे। पूसी रेल के क्षेत्राधिकार में पूर्वोत्तर के राज्य, पश्चिम बंगाल तथा बिहार में फैले 6.5 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेल की पटरियों पर पिछले कुछ महीने में जांच की गई थी। रेल प्रशासन का मानना है कि 15 अप्रैल के बाद ही मानसून एवं बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

जो करीब 15 अक्टूबर तक निर्धारित मानी जाती है। माना जा रहा है कि अभी से अगर रेलवे ट्रैक की समुचित निगरानी एवं मरम्मत की जाए तो आने वाले समय में तकनीकी परेशानी नहीं होगी। एक सप्ताह पूर्व रेल मंडल स्तर पर प्रमुख रेल रूटों पर रेल इंजीनियरिंग एवं परिचालन विभाग ने सर्वें कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी थी। दो साल पूर्व अगस्त 2017 में रेल प्रशासन की ढिलाई के कारण जिले में आई प्रलयकारी बाढ़ की वजह से सुधानी रेल पुल संख्या 133 बह गया था जिसके कारण करीब दो महीने तक इस क्षेत्र में रेल सेवा बाधित हो गई थी। डीआरएम सुमित सरकार बताते हैं कि मानसून से पूर्व रेलवे ट्रैक की समुचित निगरानी एवं मरम्मति आवश्यक है। जिसके लिए विभागीय अधिकारी एवं कर्मी को लगाया गया है।

15 अक्टूबर तक कटिहार समेत विभिन्न रेल मंडलों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी

शुक्रवार को ट्रैक मरम्मत के कार्य में लगे ट्रैक मेंटेनर।

भौगोलिक दृष्टि से भी होती है समस्या

इस क्षेत्र की रेल की पटरियां ऐसे क्षेत्र में फैली हुई हैं जिसमें कछारी समतल तथा कुछ पहाड़ी क्षेत्र हैं और वे काफी स्थिर नहीं मानी जाती। रेल सूत्रांे ने बताया कि प्रत्येक साल अप्रैल से अक्टूबर के 7 महीनों तक दक्षिणी-पश्चिमी मानसून द्वारा वार्षिक बरसात का 90 प्रतिशत यानी 2000 से 5000 मिमी तक बारिश होती है। जिस कारण भूस्खलन, तटबंधों में दरार, पुलों के बह जाने आदि की घटना होती है। इस साल ऐसी समस्या न हो इसके लिए रेल मंत्रालय के निर्देश पर पूसी रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करने के लिए रेल पटरियों को सुरक्षित तथा अच्छी दशा में बरकरार रखने के लिए रणनीति बनाई है। इन गश्ती दलों के पास नवीनतम एवं अत्याधुनिक उपकरण यानी जीपीएस ट्रैकर, लुमिनियस जैकेट, रेनकोट, वाटरप्रूफ ट्राउजर, खनन बत्ती लगे हुए सेफ्टी हेल्मेट, सेफ्टी शू अादि की व्यवस्था की गई है।

प्रत्येक गश्ती दल के पास होगी वॉकी-टॉकी और मोबाइल, देनी होगी हर हाल में सूचना

मानसून से पूर्व तैयारी में ट्रैक से सटे सामग्रियों को ढेरी लगाना, निकासी नालियों की सफाई, पुलों में खतरनाक स्तरों का चिन्हितकर सुनिश्चित करने का कार्य पूरा किया जा चुका है। रेल की पटरियों को सुरक्षित रखने के लिए मई के प्रथम सप्ताह से कटिहार मंडल में 150 गश्ती दल लगाए गए हैं। पूरे जोन में गश्ती दलों की 813 पार्टियां कटिहार से क्षेत्रीय रेल की शुरुआत होने के साथ ही असम, त्रिपुरा, मेघालय तक फैले रेल रूटों पर निगरानी करेगी। एक गश्ती दल में दो रेल कर्मियों को शामिल किया गया है। रात के समय इन रेल पटरी पर रात 8 बजे से रात 11.30 बजे तक तथा रात 12.30 बजे से सुबह 4.00 बजे तक गश्ती लगाई जाएगी। ट्रेनों की आवाजाही के लिए किसी भी परिस्थिति की सूचना निकटवर्ती स्टेशन को प्रदान करने के लिए प्रत्येक गश्ती दल के पास एक वॉकी-टॉकी तथा मोबाइल फोन उपलब्ध कराया गया है। किसी भी स्टेशन से रवाना होने वाले ट्रेन के ड्राइवर को सतर्क करने के लिए गश्ती दलों के पास फॉग डेटोनेटर भी मुहैया कराया गया है। नियंत्रण कार्यालयों द्वारा जीपीएस ट्रैकर की मदद से इन गश्ती दलों की निगरानी की जाती है।

पिछले साल आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था रेल पुल। (फाइल फोटो)

बोल्डर, बालू के बैग आदि का किया गया स्टॉक : रेल प्रशासन का मानना है कि सतर्कता के बावजूद कई बार पुल बह जाते हैं, तटबंध टूट जाते हैं एवं भूस्खलन होते हैं। इस तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए बोल्डर, बालू के बैग, पुलों की संरचना के विभिन्न उपकरण आदि स्टॉकों को महत्वपूर्ण स्थानों पर वैगन तैयार रखे गए हैं। इस तरह के 235 वैगनों को तैयार रखे गए हैं तथा किसी भी समय आगे बढ़ने के लिए सम्पूर्ण जोन के 27 स्थानों पर उसे फैला दिया गया है।

मानसून में नहीं होगा ट्रेनों को व्यवधान


Katihar News - strategies to protect the tracks from rain and storm 150 guards will monitor
X
Katihar News - strategies to protect the tracks from rain and storm 150 guards will monitor
Katihar News - strategies to protect the tracks from rain and storm 150 guards will monitor
COMMENT

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543