सदर अस्पताल में बर्बाद हो रही दो माह पूर्व आई दो करोड़ की दवा, भंडारण में तापमान का मेंटेन नहीं

Katihar News - सदर अस्पताल में इन दिनों मरीजों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल के माध्यम से जो दवा मरीजों को दी जाती है वह...

Sep 14, 2019, 08:16 AM IST
Katihar News - two crore medicine wasting in sadar hospital two months ago no maintenance of temperature in storage
सदर अस्पताल में इन दिनों मरीजों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल के माध्यम से जो दवा मरीजों को दी जाती है वह निर्धारित तापमान में नहीं बल्कि खुले आसमान में जहां-तहां रख दी जाती है। इतना ही नहीं बरसात, पानी और गंदगी तक का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। आलम यह है कि कई दवाओं में गंदगी भर रहा है। कई कार्टन दीमक और चूहे ने बर्बाद कर दिया है। सही टेम्प्रेचर में दवा नहीं रखे जाने के कारण यह जानलेवा होती जा रही है। बताया जा रहा है कि करीब दो माह पूर्व आई दवा की खेप में प्रतिबंधित कफ-सीरप भी शामिल है। हैरत इस बात से है कि सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट खुद यह कह रहे हैं कि जिस स्थिति में अभी दवा रखी गई है, यह विषाक्त हो सकता है। बता दें कि हर दिन अस्पताल में दवा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है।

खुले आसमान में रहती है अस्पताल की दवा : सदर अस्पताल में दो करोड़ के आसपास की दवा भंडारण के नाम पर जैसे-तैसे रखी गई है। रखने की जगह के आसपास गंदगी है। बरसात, धूप में यह दवा रखी रहती है। कई कार्टन में तो चूहे और दीमक देखा जा सकता है। न तो अस्पताल प्रशासन का और न ही दवा भंडारण विभाग का इस पर नजर है। पूछने पर यही कहा जाता है कि हमारे पास और कोई दूसरी व्यवस्था नहीं है। जैसे-तैसे दवा रखे जाने से एक तो इसकी गुणवत्ता समाप्त हो जाती है और दूसरा यह जानलेवा भी हो सकती है। यह बात सदर अस्पताल के मुख्य फार्मासिस्ट शिव पुकार चौधरी भी स्वीकार करते हैं। उनकी मानें तो कोई भी दवा उचित टेम्प्रेचर पर रखी जानी चाहिए। आसमान के नीचे धूप में रहने से यह दवा एक तो गुणवत्ता खो देती है और दूसरी यह जानलेवा भी हो सकती है। जबकि, दवा भंडार में इसे रखने की समुचित व्यवस्था नहीं है।

दवा में चूहे, दीमक लगने और निर्धारित तापमान नहीं होने को अस्पताल के फार्मासिस्ट बता रहे जानलेवा विभाग कह रहा नहीं है हमारे पास कोई व्यवस्था, 8 से 25 डिग्री तापमान पर रखी जाती है अलग-अलग दवा

एक तरफ मरीजों की मार दूसरी तरफ दवा हो रही बेकार

दवा के लिए सदर अस्पताल में रोगियों की लगी लंबी कतार।

71 में उपलब्ध है महज 41 मेडिसिन

एक ओर सदर अस्पताल में दवा को रखने की समुचित व्यवस्था नहीं है तो दूसरी ओर सदर अस्पताल में दवा की कमी है। 71 दवाओं के रखने की बात जिला स्वास्थ्य समिति करती है। लेकिन भास्कर के पड़ताल में शुक्रवार को सामने आया कि मात्र 43 दवा ही उपलब्ध है। कई महत्वपूर्ण दवा नहीं थी। बरारी से आए मो. अख्तर का कहना है कि वे 40 मिनट तक काउंटर पर लाइन में रहे। जब बारी आई तो 5 दवा में से एक ही मिली। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि एक तो दवा की कमी है और दूसरी समय पर दवा नहीं मिलती। मिरचाईबारी के अरविंद गुप्ता ने बताया कि 75 प्रतिशत दवाएं उपलब्ध नहीं है। चार दिन पूर्व सदर एसडीओ नीरज कुमार ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर दवा की कमी और वितरण पर असंतोष जताया था।

कैसे आया प्रतिबंधित कफसीरप

जहां-तहां दवा का भंडारण और 28 दवाओं का नहीं रहना सदर अस्पताल प्रबंधन की कारगुजारी दिखाता है। प्रतिबंधित कफ-सीरप को भले ही मरीजों को नहीं दिया जा रहा हो, लेकिन एजेंसी के द्वारा प्रतिबंधित दवा को भी भेज देना जो पड़ा हुआ है। हालांकि, दवा वितरण केन्द्र में इसका वितरण नहीं होता है लेकिन इस कफ-सीरप को बाहर से खरीदने की सलाह दे दी जाती है। एक ओर जहां प्रतिबंधित कफ-सीरप के पुर्जे नहीं दिए जाते। लेकिन दवा भंडार में यह मौजूद है। यह कफ-सीरप आसानी से बाजार में उपलब्ध है। खुले आसमान में बिना किसी सुरक्षा और बिना दिवाल और गेट के छत के नीचे रखे रहते हैं। इससे चोरी की भी आशंका बनी रहती है। सिविल सर्जन मानते हैं कि इस तरह दवा रखे जाने से चोरी हो सकती है। जहां दवा रखी गई है उसमें कई कार्टन फटे भी हैं। कई दवा और शीशी भी जहां-तहां रखे हुए हैं।

इस तरह छत के नीचे कार्टन में खुले में असुरक्षित रखी रहती है दवा।

8 से 25 डिग्री तक होना चाहिए दवा भंडार का तापमान

दवा के रख-रखाव के लिए भंडार कक्ष का तापमान निश्चित रहना चाहिए। टेबलेट और सिरप को 8 डिग्री से 25 डिग्री तापमान में रखने का प्रावधान है, लेकिन टेबलेट का रख-रखाव ओइंटमेंट का रखरखाव वाले भंडार कक्ष का तापमान अगर एक-दो डिग्री बढ़ जाए तो उसके गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता, लेकिन सीरप के लिए तापमान 25 डिग्री से अधिक हो जाए तो गुणवत्ता प्रभावित हो सकता है। - परमानंद कुमार शर्मा, फार्मासिस्ट

विभाग को है सूचना, दवा के लिए हमारे पास समुचित जगह नहीं

हमारे पास दवा रखने का कोई समुचित जगह नहीं है। विभाग को कई बार लिखा गया है। लेकिन जगह की व्यवस्था नहीं हुई है। खुलेआम यह दवा रखी जाती है। जिस कफ-सीरप में अल्कोहल की मात्रा है, उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन कुछ प्रतिबंधित कफ-सीरप आ गई है। यह जांच की जा रही है कि कैसे यह पहुंची है। - डॉ. मुर्तजा अली, सिविल सर्जन, कटिहार

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