मतदान में दिव्यांगों को दिए जाएंगे व्हीलचेयर
मतदान केंद्र तक पहुंचने में दिव्यांग मतदाताओं को परेशानी न हो इसके लिए जिले के सभी सरकारी स्कूलों में व्हीलचेयर खरीदे जाएंगे। स्कूलों में रैम्प भी बनाने को कहा गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव में दिव्यांग मतदाताओं की सहज भागीदारी हो इसके लिए जिले के सभी उच्च विद्यालयों में अविलंब व्हीलचेयर खरीदे जाएं। व्हीलचेयर सरकारी उच्च विद्यालय के विद्यालय विकास कोष अथवा छात्र कोष से खरीदने का निर्देश दिया गया है।
अविलंब व्हीलचेयर खरीद का एचएम को दिया है निर्देश
जिले के सभी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सीआरसीसी को निर्देश दिया जाएगा कि वे अविलंब एक-एक व्हीलचेयर खरीदकर उसकी सूचना कार्यालय को दें।
- संजय कुमार, प्रभारी डीपीओ, प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान
व्हील चेयर।
दिव्यांगता की श्रेणी में वृद्धि अब 7 की जगह होगी 21
केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत नि:शक्तता की 7 श्रेणियों को बढ़ाकर 21 कर दिया है। दिव्यांगों की श्रेणी में अंधता, मांसपेशीय विकार, क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी, मल्टीपल स्कलेरोसिस, प्रमस्तिष्क घात, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया सीकल सेल डिजीज, वाक एवं भाषा नि:शक्तता, अल्प दृष्टि, कुष्ठ रोग मुक्त, श्रवण बाधित, चलने में असहाय, बौनापन, कमजोर बौद्धिक क्षमता, मानसिक रोगी, स्वलीनता, बहु नि:शक्तता, तेजाब हमला पीड़ित, पार्किंसंस रोग से ग्रसित लोग शामिल हैं।
दिव्यांग मतदाताओं का होगा डेटा संग्रह, पोलिंग ऑफिसर को रहेगा
निर्वाचन आयोग ने सरकार को मतदान केन्द्रों को दिव्यांगों के अनुरूप बनाने का निर्देश दिया है। पैरों से दिव्यांग के लिए व्हील चेयर, दृष्टिहीन मतदाता के लिए हेल्पर तथा श्रवण बाधित मतदाताओं के लिए हियरिंग मशीन सहित विभिन्न सुविधाएं मुहैया करवाने की रूपरेखा बनाई गई है। समय-समय पर चुनाव आयोग के द्वारा भी दिव्यांग मतदाताओं का डेटा संग्रह कर मतदान केंद्रों में उनके लिए सुविधा मुहैया कराई जा रही है। यहां तक कि दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर पोलिंग ऑफिसर को दिव्यांग मतदाता का नाम, दिव्यांगता की श्रेणी तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाई जाती है। लोकसभा चुनाव के समय भी दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्रों में इस तरह की सुविधा दी गई थी।