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‘समाज को सम्मान देना राम राज्य का उद्देश्य’

एक वर्ष पहले
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मानसी | सैदपुर में आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद भागवत अमर कथा के पांचवें दिन यज्ञशाला में कथा प्रेमी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ लगी रही। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला परिसर में बने मंडप का परिक्रमा किया। पांचवे दिन कथावाचक पंडित राघवेंद्र शास्त्री ने कथा मंच से कहा कि भगवान राम राजा होने के बाद भी तपस्वी हैं, आज भी हमलोग राम राज्य का उदाहरण देते हैं। भगवान राम सर्वप्रथम केवट से चरण धुलवाते है तथा निषाद राज के साथ मित्रता करते हैं। अपने भक्त शवरी के जूठे बैर खाते हैं। राम राज्य का उद्देश्य समाज के सबसे निचले वर्ग का विकास और समाज में उनको सम्मान देना है। आचार्य लक्ष्मीकांत शुक्ल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंडप का पूजन संपन्न कराया एवं संगीतमय कथा के दौरान कथावाचक के साथ वादक यंत्र पर संजय चतुर्वेदी, कृपाशंकर मिश्र, चंद्रकांत, जावेद, अमरजीत तथा रौशन ने संगत किया।
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