नामचीन चिकित्सकों के नाम पर झोलाछाप डॉक्टर कर रहे इलाज

Khagaria News - खगड़िया शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अवैध नर्सिंग होम के बाहर नामी चिकित्सकों को बोर्ड लगा झोलाछाप...

Nov 11, 2019, 08:21 AM IST
खगड़िया शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अवैध नर्सिंग होम के बाहर नामी चिकित्सकों को बोर्ड लगा झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। जबकि अवैध नर्सिंग होम के धंधा पर प्रशासनिक स्तर से रोक नहीं लगाए जाने के कारण ऐसे फर्जी क्लिनिकों में इलाज के नाम पर भोले भाले मरीजों का आर्थिक शोषण तो हो ही रहा है साथ साथ मरीजों की जिंदगी और मौत का सौदा भी हो रहा है। खगड़िया शहर के अलावे गोगरी, महेशखूंट, बेलदौर आदि सुदूर इलाके में चले रहे ऐसे कई अवैध नर्सिंग होम के बाहर बड़े बड़े डॉक्टरों का बोर्ड लगाकर मरीजों को इलाज के नाम पर लूटा जा रहा है। जबकि ऐसे क्लिनिकों के संचालकों के पास न तो नर्सिंग होम का लाईसेंस प्राप्त है और न ही विभागीय अनुमति है। यहां तक की ऐसे फर्जी क्लिनिकों में न तो योग्य डॉक्टर होते है न ही प्रशिक्षित कर्मी होते हैं। लेकिन मरीजों का इलाज धड़ल्ले से होता है। ये कहा जाय कि स्वास्थ विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मेहरबानी से जिले में जगह जगह फर्जी क्लिनिकों की चांदी कट रही है।

शहर में कई जगहों पर चल रहा अवैध नर्सिंग होम, प्रशासन बना है बेखबर

बताते चलें कि खगड़िया शहर में अस्पताल रोड, गौशाला रोड, कचहरी रोड पर बड़े डॉक्टर व नर्सिंग होम का बोर्ड लगाकर अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। ऐसे जगहों पर बिचौलिए की मदद से मरीजों को बहला फुसला कर इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। जबकि प्रशासन इलाज के नाम पर चले रहे इस काला कारोबार से बेखबर बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि स्वास्थ विभाग को इस काला कारोबार की जानकारी नहीं है। बल्कि विभागीय अधिकारियों की संलिप्त एवं मेहरबानी से इलाज के नाम अवैध तरीके से नर्सिंग होम का संचालन किया जाता है। जबकि गोगरी अनुमंडल के गोगरी जमालपुर एवं महेशखूंट में भी अवैध रूप से चलने वाले क्लिनिकों की भरमार है।

सीएस ने एक सप्ताह में कार्रवाई की कही थी बात, 3 माह बीते लेकिन नहीं कार्रवाई

जिले में जगह जगह चल रहे फर्जी क्लीनिकों के संबंध में सीएस डॉ दिनेश कुमार निर्मल ने बीते तीन माह पूर्व कहा था कि एक सप्ताह में फर्जी नर्सिंग होम संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर से तैयारी की जा रही है। ऐसे क्लिनिकों को चिन्हित करते हुए सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी किसी भी अवैध नर्सिंग होम की न तो जांच की गई न ही कोई कार्रवाई की गई।

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