सड़क पर दौड़ रहीं कंडम गाड़ियां हादसे की आशंका, विभाग उदासीन

Khagaria News - यात्री बस से लेकर अन्य वाहनों से आए दिन बढ़ रही दुर्घटनाओं से अफसर एवं बस चालक सबक नहीं ले रहे हैं। कंडम बसों का...

Nov 11, 2019, 08:21 AM IST
यात्री बस से लेकर अन्य वाहनों से आए दिन बढ़ रही दुर्घटनाओं से अफसर एवं बस चालक सबक नहीं ले रहे हैं। कंडम बसों का परमिट बनाने आरटीओ पहुंचते ही दलाल सक्रिय हो जाते हैं। इसके बाद चंद मिनटों में भी अनफिट वाहनों को फिटनेस का सर्टिफिकेट आसानी से दे दिया जाता है। जबकि सड़कों पर भर्राटा भरने वाले इन अनफिट बसों एवं अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यात्रियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।

बावजूद न तो वाहनों के संचालक के विरुद्ध कार्रवाई होती है और न ही चालक के विरूद्व। ड्राइवर नियमों को ताख पर रख खटारा वाहनों को दौड़ा रहा हैं जिस पर आरटीओ विभाग कभी कार्रवाई नहीं करता है। दुर्घटना की बात की जाय तो बीत छह माह में एनएच 31 सहित विभिन्न जगहों पर दुर्घटना में तीन दर्जन से अधिक लोगों की जाने गई है तथा इससे दोगुने लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक ताज्जुब है कि जिले में संचालित प्रतिष्ठित स्कूलों द्वारा भी खटारा वाहनों का प्रयोग छात्रा छात्राओं को लाने ले जाने में कर रहे हैं। जिस पर हमेशा खतरा बना रहता है। सड़कों पर दौड़ने वाली एक्सपायरी बसों में फस्ट एड बॉक्स की बात तो दूर यात्रियों के बैठने वाली शीट भी सही नहीं होता है।

कुल मिलाकर कहा जाय तो यात्रियों की जान जोखिम में डाल कर आयु पूरी कर चूकी बसों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। जिस पर कोई कार्रवाई करने के बजाय परिवहन विभाग इस फिटनेस परमिट देते फिर रहे हैं।

ओवरलोड के खिलाफ छह माह में कार्रवाई नहीं

नए व्हीकल एक्ट लागू होने तथा इससे पूर्व की बात की जाय तो बीते छह माह में सड़कों पर दौड़ने वाली ओवरलोड बसें या अन्य वाहनों में से किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे प्रतीत होता है कि परिवहन विभाग नियमों का पालन कराने के लिए कितना सजग है। बताया जाता है कि विभाग द्वारा अनफिट बसों को फिट बताकर सर्टिफिकेट दे दी जाती है जिसके एवज में अनफिट वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई में उनका हाथ बंध जाता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाली इस प्रकार की बसों में यात्रियों को भेड़ बकरियों के तरह ठूस कर अोवरलोड वाहन चलाया जाता है। जिससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

महेशखूंट एनएच 31 चौक से बेलदौर, उसराहा एवं अन्य स्थानों के लिए खुलने वाली वाहनों में से दर्जन भर से अधिक ऐसे वाहन हैं जो पूरी तरह कंडम हैं तथा वर्षों पूर्व अपनी आयु पूरी कर चूके हैं। जबकि ऐसे बसों में क्षमता से दोगुने यात्रियों को ढोया जाता है।

उक्त मार्ग पर अक्सर सभी वाहनों की यही स्थिति होने के कारण लोगों को मजबूरी में यात्रा करना पड़ता है। वहीं खगड़िया बस स्टैंड से भी कई जर्जर व अनफिट बसों को चलाया जाता है जिसे यात्रियों की जान पर खतरा बना रहात है।

अनफिट मिनी बस।

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