पीजी सेमेस्टर-1 में कल से ऑन स्पॉट होगा नामांकन
होली की छुट्टी के बाद गुरुवार को मुंगेर विश्वविद्यालय एवं अधीनस्थ सभी कॉलेज खुलेंगे। शुक्रवार से पीजी सेमेस्टर-1 में शेष बचे छात्र-छात्राओं के लिए ऑन द स्पाॅट नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन के लिए 13-14 मार्च को मुंगेर विवि का पोर्टल खुलेगा। पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर नामांकन करा सकते हैं। आरडी एंड डीजे कॉलेज मुंगेर तथा कोशी कॉलेज खगड़िया में पीजी विषयों का विषयवार रिक्त सीटों की सूची वेबसाइट पर डाली जाएगी। इसके बाद जिन छात्र-छात्राओं का नाम पूर्व में जारी हुए मेरिट लिस्ट में नहीं आ पाया था, वे ऑन द स्पॉट नामांकन प्रक्रिया के तहत अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल खोलकर इच्छानुसार विषय का चयन करेंगे।
उसके बाद छात्र-छात्राओं को उस फॉर्म का प्रिंट आउट निकाल कर संबंधित कॉलेज में सत्यापन कराकर ऑनलाइन नामांकन शुल्क भरना होगा। ऑन द स्पॉट प्रक्रिया के तहत 13 से 14 मार्च के बीच छात्र-छात्राएं अपना नामांकन करा सकते हैं। वहीं इस प्रक्रिया में केवल वे छात्र-छात्राएं ही भाग ले सकते हैं, जिनके द्वारा पूर्व में नामांकन को लेकर ऑनलाइन आवेदन किया गया था। नए छात्र-छात्राएं इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे।
सांस्कृतिक परिषद की तैयारी तेज, 18 को समारोह
वहीं दूसरी ओर 18 मार्च को मनने वाली स्थापना दिवस के लिए भी मुंगेर विवि में सांस्कृतिक परिषद की तैयारी तेज है। बता दें कि विवि की स्थापना 18 मार्च, 2018 को हुई थी। विवि प्रशासन इस वर्ष अपनी स्थापना का दूसरा वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके पर सात मार्च से ही विवि में स्थापना पखवारा मन रहा है। पखवारे में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतिभाओं का सम्मान समेत कई कार्यक्रम होना है। 18 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा अभिभाषण और सम्मान समारोह होगा। इसके लिए अलग-अलग टीम का गठन कर दिया गया है।
18 मार्च को मुंगेर विवि प्रशासन मनाएगा अपना दूसरा स्थापना दिवस
नृत्य-संगीत के लिए किया जा रहा अभ्यास
सांस्कृतिक परिषद के को-ऑर्डिनेटर प्रो. मृत्युंजय कुमार मिश्रा ने बताया कि स्थापना समारोह में नृत्य-संगीत भी होगा। सुगम संगीत के लिए प्रीति कुमारी, एकरा खान अभ्यास कर रही हैं। नृत्य में मेघना, अर्चना, डाॅली राय, राजनंदिनी, निकिता शर्मा अभ्यास कर रही हैं। स्वयं प्रो. एमके मिश्रा संगीत के मर्मज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ी, तो वे भी लोक गीतों के साथ अन्य गीतों का भी गायन कर सकते हैं।