4 वर्ष बाद भी सीएचसी में सेवा नदारद, परेशानी
चौथम प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उत्क्रमित कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिये जाने के साढ़े चार साल बीतने के बाद भी सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सेवा विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है।
5 अगस्त 2015 को किया था। जब नीतीश कुमार यहां आए थे तो बड़े बड़े वादे कर के गए थे। लेकिन उनके द्वारा किए गए अस्पताल का उद्घाटन में अब तक स्वास्थ्य सेवा बहाल भी की जा सकी है। करोडों रुपए खर्च हुआ और भवन भी बना लेकिन जिस कार्य के लिए भवन बनाया गया वह काम शुरू नहीं किया गया।
उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवा बदहाली की दौर से गुजर रही है। केन्द्र में एक भी रोग विशेषज्ञ या सर्जन डाॅक्टर पदस्थापित नहीं हैं। जो भी पदस्थापित डाॅक्टर हैं केवल ओपीडी सेवा देने तक ही सीमित हैं। इमर्जेंसी स्वास्थ्य सेवा का भार आयुष चिकित्सक डॉ अरूण कुमार को संभालना पड़ता है। अस्पताल में कोई भी जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है और ड्रेसर का पद तो वर्षों से रिक्त है। सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा का हाल जाने तो यहां केवल फस्ट एड तक ही सुविधा उपलब्ध है। यहां इलाज के लिए आने वाले रोगियों को इलाज के बदले उसे रेफर कर दिया जाता है। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अरूण कुमार का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधा रोगियों को दी जाती है।