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नप ईओ ने छठ के बाद शहर से सुअर हटाने को सख्त कदम उठाने की कही थी बात, आज से लोगों की है नजर

Khagaria News - शहर में साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाले नगर परिषद के सफाई कर्मी ही शहर में गंदगी फैलाने का काम कर रहे हैं। एक तरफ...

Nov 05, 2019, 07:31 AM IST
शहर में साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाले नगर परिषद के सफाई कर्मी ही शहर में गंदगी फैलाने का काम कर रहे हैं। एक तरफ नगर प्रशासन साफ-सफाई के नाम पर प्रति माह 25 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रही है तो दूसरी तरफ शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेवारी उठाने वाले सफाई कर्मियों के ही पालतू सुअर यत्र-तत्र गंदगी फैलाते देखे जा रहे हैं।

हालांकि नगर के कार्यपालक पदाधिकारी ने इसके लिए कड़े कदम उठाने की बात कह छठ पूजा के बाद शहर से सुअरों को हटाने का काम शुरू करने की बात कही थी। लेकिन सोमवार को भी शहर के विभिन्न स्थानों पर सुअरों का झुंड विचरण कर गंदगी फैलाते देखे गए। सुअरों द्वारा फैलाए जा रहे शहर में गंदगी से लोग परेशान हैं तथा कई संक्रमित बीमारी का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में नगर प्रशासन की उदासीनता से शहर में सुअरों के आतंक से लोग परेशान हैं।

सुअरों के झूंड के शहर में विचरण करने से लोगों को होने वाली परेशानी की बात की जाय तो बाजार से लेकर अस्पताल तक में लोग परेशान हैं। बाजार की सड़कों पर सुअरों का झूंड गुजरने से बाजार आने जाने वाले लोगों को दिक्कतें होती ही है साथ साथ गंदगी फैलाए जाने के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है।

सदर अस्पताल परिसर में सुअरों के विचरण से मरीजों में संक्रमण का रहता है खतरा : सदर अस्पताल परिसर में यत्र तत्र सुअरों के झूंड को विचरण करते देखा जाता है।

अस्पताल आने वाले मरीज एवं उनके परिजन जहां बैठते हैं वहां आस पास सुअरों की मौजदूगी होती है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों के बीच संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। अस्पताल के मुख्य द्वार से लेकर आपातकालीन द्वार पर सुअर मौजूद रहता है जिसके कारण आने जाने में भी काफी परेशानी होती है। गौरतलब है कि अस्पताल में साफ सफाई के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती है।

सदर अस्पताल के आपातकालीन द्वार पर विचरण करता सुअर।

बोर्ड की बैठक में होगी इस मुद्दे पर चर्चा

ईओ राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि सुअर के कारण कई सफाई कर्मियों के वेतन पर रोक लगा दिया गया था। जल्द से जल्द टेंडर करने के बाद गंभीर समस्या का कुछ न कुछ निदान निकाला जाएगा। बोर्ड की होने वाली बैठक में भी इस पर चर्चा की जाएगी।

अस्पताल में न जांच किट, न ही प्लेटलेट चढ़ाने की सुविधा

डेंगू मरीज बढ़ रहे, इलाज की व्यवस्था नहीं

भास्कर न्यूज | खगड़िया

हाल के दिनों में जगह जगह आए बाढ़ के बाद हर तरफ इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। खगड़िया में हर तरफ से हर रोज डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं जिससे जिलेवासियों में भी डेंगू का भय व्याप्त है। लेकिन जिले का स्वास्थ सुविधा का जिम्मा उठाने वाला सदर अस्पताल में डेंगू इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। बताते चलें कि जिले में हुए लगातार बारिश के कारण शहर से लेकर गांव तक में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जबकि जलजमाव एवं गंदगी के वजह होने वाला डेंगू रोग जिले में तेजी से फैल रहा है। खगड़िया शहर में भी बड़ी संख्या में लोग डेंगू का शिकार हो रहे हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को निजी जांच घरों में जांच करवा कर दूसरे शहर में इलाज करवाना पड़ता है। हालांकि जिले के सदर अस्पताल में डेंगू से पीड़ित मरीजों के लिए डेंगू वार्ड खोला गया है लेकिन अस्पताल में न तो जांच किट है और न ही प्लेटलेट चढ़ाने की सुविधा है। ऐसे में डेंगू के शिकार लोगों को अस्पताल में सिर्फ स्लाइन से ही संतोष करना पड़ रहा है। इलाज के लिए लोगों को भागलपुर एवं पटना का रूख करना पड़ रहा है। अलग अलग जगहों के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में अब तक डेंगू से पीड़ित दो सौ से अधिक मरीजों को चिन्हित किया गया है। लेकिन अस्पताल में प्लेटलेट चढ़ाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसे मरीजों का इलाज भगवान भरोसे चल रहा है। सदर अस्पताल में सोमवार को 5 डेंगू मरीज भर्ती पाए गए। भर्ती मरीज के परिजनों ने बताया कि यहां इलाज के नाम पर सिर्फ स्लाइन चढ़ाया जा रहा है। लोगों ने बताया कि निजी जांच घर में जांच करवाने पर डेंगू का लक्षण पाया गया।

बगैर संसाधन के ही विभाग डेंगू को लेकर खुद को बता रहा सतर्क : डेंगू को लेकर खुद को सतर्क बताने वाले स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी डेंगू जांच किट उपलब्ध नहीं है। विभागीय अधिकारी की मानें तो इस वर्ष जिले में डेंगू किट अब तक नहीं आया है। कीट की उपलब्धता के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। ऐसे में बिना संसाधन के ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी द्वारा डेंगू से लड़ने की तैयारी की गई है। मामले में अस्पताल प्रबंधक शशिकांत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में डेंगू से पीड़ित मरीज के लिए वार्ड तो है लेकिन जांच किट नहीं है।

मथुरापुर में आधा दर्जन से अधिक लोग हैं डेंगू के शिकार

गोगरी प्रखंड के मथुरापुर गांव में एक ही परिवार के कई लोग डेंगू से पीड़ित है। जिनका इलाज अलग अलग शहरों में किया जा रहा है। स्थानीय करुणेश मिश्र ने बताया कि हमारे परिवार के चार सदस्य डेंगू से पीड़ित हैं। जबकि परोस के तीन लोग से डेंगू का शिकार है जिसका इलाज भागलपुर में किया जा रहा है।

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