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ट्रेनों में अवैध रूप से होती है माल ढुलाई, प्राइवेट ठेकेदार करते हैं वसूली, रेलवे को लग रहा करोड़ों रुपये का चूना

3 वर्ष पहले
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खगड़िया स्टेशन पर प्राइवेट ठेकेदार पुलिस की मिलीभगत से अवैध वसूली का रेलवे को सलाना करोड़ों की चपत लगा रहे हैं। लेकिन सब कुछ जानते हुए भी रेलवे प्रशासन मौन बना हुअस है। एक अनुमान के अनुसार खगड़िया रेलवे जंक्शन से रोजाना 100 क्विंटल से ज्यादा के सामान फुटकर व्यापारियों द्वारा ट्रेनों के जरिए अपने गंतव्य स्थान तक ले जाया जाता है। इनमें ज्यादातर लोगों के पास 80 से 100 किलो तक सामान रहता है। रेलवे नियमानुसार 40 किलो से अधिक वजन वाले सामानों को पार्सल बुकिंग कार्यालय में बुक कराना आवश्यक है। लेकिन रेल पुलिस की मिलीभगत के कारण ऐसे व्यापारी अपने समानों को पार्सल में बुकिंक कराने के बजाए रेलकर्मियों व रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को कुछ चढ़ावा देकर हाथों-हाथ अपने साथ ट्रेन में सामान ले जाने का काम रोजाना कर रहे हैं।

पार्सल कार्यालय से बुकिंग कराने के बजाए रेल कर्मियों व जवानों की जेब गर्म कर ढोते हैं समान
खगड़िया जंक्शन पर अवैध ढ़लाई के लिए रखा गया सामान।

यात्री भी होते हैं परेशान | ट्रेनों में जैसे-तैसे हो रही सामान की ढुलाई के कारण जहां रेलवे को राजस्व का घाटा होता है, वहीं ट्रेन में सफर करने वाली यात्री भी परेशान होते हैं। ऐसे फुटकर व्यापारी अपने सामानों को ट्रेन के यात्री बोगी में चढ़ाकर ट्रेन बोगी के प्रवेश एवं निकास द्वार को अवरुद्ध कर देते हैं।

जुर्माने का है प्रावधान | जीआरपी थानाध्यक्ष पंकज यादव ने बताया कि जंक्शन के प्लेटफार्म पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। अवैध रूप से बिना बुक कराए समानो पर रेलवे अधिनियम के मुताविक जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि चेकिंग अभियान नियमित रूप से नहीं होती है।

सब्जी व फल नहीं होता बुक
खगड़िया से बखरी, नरहन, रोसरा, हसनपुर, मानसी आदि जगहों पर सब्जी एवं फल का व्यापार होता है। इन जगहों के व्यापारी रोजाना खगड़िया बाजार से सब्जी व फल की खरीददारी कर वहां की बाजारों में अपने समान बेचने ले जाते हैं। ये व्यापारी रेल के जरिए ही अपना व्यापार चलाते हैं। लेकिन इन जगहों पर जाने वाले सामानों को रेल में बुक कराने की बजाय कुछ पैसे खर्च कर व्यापारी अपने साथ ले जा रहे हैं। ऐसा करने से व्यापारियों को तो कुछ रुपयों की बचत होती ही है, साथ ही रेल कर्मियों की भी जेबें गर्म हो जाती हैं।

करोड़ों का राजस्व घाटा
एक अनुमान के अनुसार खगड़िया जक्शन से बखरी, नरहन, रोसरा, हसनपुर आदि जगहों पर जाने वाले समानों को अगर नियमानुसार पार्सल में बुक कराया जाए तो रेलवे को सलाना करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। लेकिन बिना बुक कराए इन समानों को ले जाने के कारण रेलवे सलाना करोड़ों रुपए घाटा सह रहा है।

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