- Hindi News
- National
- Kochadhaman News Children Being Deprived Of Elementary School Reading Due To Indefinite Strike By Teachers
शिक्षकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल से प्रारंभिक विद्यालयों में पठन-पाठन से वंचित हो रहे बच्चे
बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर हड़ताली शिक्षकों ने बुधवार को ठाकुरगंज विधायक नौशाद आलम के आवास पर अपने सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को सदन में उठाने की अपील की। शिक्षकों ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य के प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च माध्यमिक तक के शिक्षक 17 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा अभी तक शिक्षकों की मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं किया गया है। इसके विपरीत शिक्षकों पर निलंबन बर्खास्तगी एवं एफआईआर जैसे कार्रवाई की जा रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल शिक्षकों के विभिन्न मांगों पर विधायक नौशाद आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में शिक्षा की स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षकों की समस्या को हमेशा ही दूर करने का प्रयास किया है। आगे भी वे जरूर शिक्षकों की समस्या को दूर करेंगे। उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वर्तमान सत्र में वह शिक्षकों के मुद्दों को सदन में मजबूती के साथ उठाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा भी करेंगे। ज्ञापन देने के दौरान नवीन यादव, मो. नसीरुद्दीन, मो. इकबाल, मुरसलीन, सईदुर रहमान, मो. आजाद, मो. जमिलुद्दिन, धीरज कुमार, असीरुद्दीन, तपेश बर्मा, नीलेश भारती, अब्दुल करीम, अब्दुल मलिक, उज्वल कुमार, सलाउद्दीन आदि शिक्षक उपस्थित थे।
शिक्षकों का अनिश्चितकालीन हड़ताल 26वें दिन भी रही जारी
बहादुरगंज|बहादुरगंज बीईओ कार्यालय के सामने नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा लगातार 26वें दिन जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर शुक्रवार को बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रागिबुर्रह्मान की मौजूदगी में बिहार सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने कहा कि सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ भेदभाव वाला बर्ताव अपना रही है। मो. रहमान ने कहा कि समान काम के बदले समान वेतन और राज्यकर्मियों का दर्जा जैसे कई मांग जो सरकार से शिक्षको ने मांगी है वह जायज है।
बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ बहादुरगंज इकाई के प्रखण्ड अध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि तालीम के जरिये बच्चों का भविष्य बनाने वाले नियोजित शिक्षकों के साथ सरकार का सौतेला व्यवहार करना और उनकी मांगों को अनसुनी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जबतक नियोजित शिक्षकों की मांगों को नही मानती है तब तक प्रखण्ड क्षेत्र के सभी नियोजित शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रागिबुर्रह्मान, बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय, सचिव अब्दुल कादिर, शिक्षक ताजदार हुसैन, मो. आजाद, तृप्ति चटर्जी, डॉली पांडेय, समर आलम, नाजिम अनवर, संजीव यादव, संजय सिन्हा सहित दर्जनों शिक्षक शिक्षिका मौजूद रहे।
हड़ताली शिक्षकों ने ठाकुरगंज विधायक को सौंपा ज्ञापन
ठाकुरगंज विधायक को ज्ञापन सौंपते हड़ताली शिक्षक।
भास्कर न्यूज| कोचाधामन
समान काम के बदले समान वेतन की मांग को लेकर नियोजित शिक्षक 17 फरवरी से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके कारण प्रारंभिक विद्यालयों में पठन-पाठन बाधित हो गया है। नियमित शिक्षक वाले विद्यालय तो खुल रहे हैं, लेकिन नियोजित शिक्षकों की पदस्थापना वाले विद्यालयों में पूर्ण रूप से ताला लटक रहा है। इसके कारण प्रारंभिक विद्यालयों में नामांकित बच्चों का पठन-पाठन पूरी तरह चौपट हो गया है। जानकारी के अनुसार 16 मार्च से प्रारंभिक विद्यालयों में वार्षिक मूल्यांकन की तिथि निर्धारित की गई है। शिक्षकों की हड़ताल के कारण बच्चों के अंतिम दौर की पढ़ाई प्रभावित होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ने लगी है। इसको लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। परीक्षा के ठीक पूर्व शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। हड़ताली शिक्षकों की माने तो सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों की उपेक्षा के कारण वे हड़ताल करने को विवश है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा
बता दें कि मैट्रिक परीक्षा के प्रारंभ होने के दिन से ही नियोजित शिक्षक हड़ताल पर हैं। इसको लेकर विद्यालयों को छोड़ शिक्षक बीआरसी भवन के समक्ष लगातार आंदोलन कर रहे हैं। हड़ताली शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जबकि अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे शिक्षकों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। जबकि अभी प्रारंभिक विद्यालयों के लिए परीक्षा की तैयारी, प्रश्न पत्र का प्रकाशन सहित अन्य कार्य होना है। ऐसे में शिक्षकों के हड़ताल के कारण बच्चों का भविष्य प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
16 मार्च से प्रारंभिक विद्यालयों में वार्षिक मूल्यांकन की तिथि निर्धारित, कैसे होगी परीक्षा