पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Kishanganj News Dr Farzana Of The Common Family Made 25 Thousand Women Self Supporting

सामान्य परिवार की डॉ. फरजाना ने 25 हजार महिलाओं को बनाया स्वावलंबी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जारी है फरजाना के महिला स्वावलंबन का सफर

सामान्य परिवार से आने वाली डॉ. फरजाना बेगम घरेलू हिंसा व उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के लिए उम्मीद बनकर उभरी हैं। अल्पसंख्यक परिवार की रूढ़ीवादी परंपरा को दरकिनार कर एलएलबी, एमए और फिर पीएचडी जैसी उच्चतम योग्यता अर्जित करना ही अपने आप में चुनौती है। लेकिन इन सबसे आगे पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना और विशेष कर उन्हें स्वावलंबी बनाने की उनकी मुहिम लगातार जारी है।

वह अब तक 25 हजार से अधिक महिलाओं को स्वावलंबी बना चुकी हैं। आज भी उनके द्वारा महिलाओं को उनकी योग्यता के अनुसार सिलाई, कढ़ाई से लेकर अन्य तकनीकी कार्य का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि महिलाएं स्वावलंबी बन सके। डॉ. फरजाना के अनुसार स्वावलंबी बन कर ही महिलाएं सशक्त हो सकती हैं और महिला सशक्तिकरण का शासन-प्रशासन का प्रयास सफल हो सकता है।

रोजगार ही नहीं राजनीतिक क्षेत्र में भी उनके द्वारा प्रोत्साहित की गई कई महिलाएं विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों के पद पर निर्वाचित हुई हैं। डॉ. फरजाना के अनुसार उनका जीवन संघर्षों में बीता है। लेकिन वह कभी निराश नहीं हुई। वह कहती हैं कि उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

नेहरू युवा केंद्र से हुई समाजसेवी की शुरुआत

डॉ. फरजाना बताती हैं कि सामाजिक कार्यों की शुरुआत वर्ष 1998 में हुई। उसके बाद बिहार शिक्षा परियोजना में ट्रेनर के तौर पर बहाल हुई। वर्ष 2001 में नेहरु युवा केंद्र ने परियोजना पदाधिकारी की जिम्मेवारी सौंपी। इस दौरान जिले के 100 पंचायतों में घूमने और वहां महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करने का मौका मिला। फिर इसके बाद यूनिसेफ से जुड़ी। राज्य के कई जिलों में इम्यूनाइजेशन की सफलता के लिए कार्य किया। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि किसी एक विषय पर नहीं, बल्कि समग्रता से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करना चाहिए।

2005 में राहत संस्था की स्थापना कर शुरू किया अभियान, मिले कई पुरस्कार

वर्ष 2005 में डॉ. फरजाना ने राहत संस्था की स्थापना की और सीधे तौर पर महिलाओं के सशक्तिकरण में जुट गई। अब तक 25 हजार से अधिक महिलाओं को वह अपने संस्था के माध्यम से स्वावलंबी बना चुकी हैं। इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। चीन में 13 देशों के प्रतिनिधियों के बीच भारत में महिला सशक्तिकरण विषय पर उन्हें अपना लेख पढ़ने का अवसर मिला। यह भी उन्हें सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से भी फरजाना सम्मानित हो चुकी हैं। वह कहती हैं कि विभिन्न मंचों पर मिले सम्मान ने उनका उत्साह बढ़ाया है, जिससे उन्हें लगातार ऊर्जा मिली है।

राष्ट्रपति पुरस्कार के अलावा विदेशों में हो चुकी हैं सम्मानित

संस्था की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कपड़े का सिला थैला लिए महिलाएं।

डॉ. फरजाना बेगम
खबरें और भी हैं...