14 विभागों पर नगर परिषद का 36. 88 लाख का बकाया
छह वर्ष से सरकारी विभगों पर है होल्डिंग टैक्स बकाया
बकाया राशि नहीं चुकाने पर आम नागरिकों पर नीलाम पत्र वाद दायर किया जाता है। राशि नहीं मिली तो जेल तक भेजने का प्रावधान है। पर टैक्स चुकाने में सरकारी विभाग भी कम पीछे नहीं है। कई सरकारी विभाग भी कर्जदार हैं। इनके पास छह वर्षों से नगर परिषद का होल्डिंग टैक्स बकाया है। इतना ही नहीं होल्डिंग टैक्स जमा करने के लिए नगर परिषद द्वारा बार बार रिमाइंडर भी दिया जाता रहा है। लेकिन इसका नतीजा कुछ नहीं निकल पाया है। मार्च तक नगर परिषद को टारगेट पूरा करना है। शुक्रवार को आयोजित बैठक में डीएम आदित्य प्रकाश ने भी राजस्व संग्रहन में तेजी लाने का निर्देश दिया था। सरकारी 14 विभागों पर नगर परिषद का 36 लाख 88 हजार 369 रुपया बतौर होल्डिंग टैक्स बकाया है। जबकि नप क्षेत्र में संचालित 42 मोबाइल टावर पर भी 17 लाख 36 हजार रुपया बकाया है। बकाएदारों में डीआरडीए भी शामिल हैं। जबकि इन दिनों डीआरडीए निदेशक ही नप के कार्यपालक पदाधिकारी के प्रभार में हैं। इन्हें ही वित्तीय वर्ष के समापन तक बकाए होल्डिंग टैक्स वसूल करना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल के पास तीन लाख 24 हजार 344 रुपए , जिला पशुपालन विभाग पर पांच वर्षों से 50 हजार 717 रुपया, इंटर उच्च विद्यालय पर पांच वर्षों से सात लाख 63 हजार 255 रुपया, जिला मत्स्य विभाग पर 43 हजार 257 रुपया , डीआरडीए पर दो लाख 63 हजार 423 रुपया, मंडल कारा पर एक लाख 26 हजार 836 रुपया, निबंधन कार्यालय पर 97 हजार 95 रुपया, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय पर दो लाख 55 हजार 788 रुपया, मारवाड़ी कालेज पर 98 हजार 583 रुपया, होल्डिंग संख्या 280 में मारवाड़ी कालेज पर पांच लाख 10 हजार 189 रुपया, राजकीय अनुसूचित जाति उच्च विद्यालय पर एक लाख 15 हजार 81 रुपया, भवन निर्माण विभाग पर चार लाख 98 हजार 358 रुपया, जिला परिषद पर 91 हजार 197 रुपया एवं अंचल अधिकारी किशनगंज पर चार लाख 50 हजार 246 रुपया बकाया है।
बीएसएनएल ने भी नहीं चुकाया टैक्स
नगर परिषद का नप क्षेत्र में संचालित 42 मोबाइल टावर पर भी लाखों रुपया बकाया है। बीएसएनएल के छह टावरों पर नौ लाख 70 हजार रुपए, टाटा इंडिया के पांच टावरों पर चार लाख 96 हजार रुपए, एयरटेल के आठ टावरों पर नौ लाख 20 हजार रुपए, एयरसेल के सात टावरों पर सात लाख 30 हजार रुपए, वोडाफोन के सात टावरों पर पांच लाख 30 हजार रुपए, इंडियन टेलीकॉम के एक टावर पर 10 हजार रुपया बकाया है।
मोबाइल कंपनियाें का भेजा गया नाेटिस
सरकारी विभागों से राशि मिल रही है। निर्धारित समय सीमा पर लक्ष्य पूरा हो जाएगा। मोबाइल टावर कम्पनी को सात दिन पूर्व ही नोटिस भेजा गया है। अगर वे राशि जमा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
मंजूर आलम नप कार्यपालक प्रभारी पदाधिकारी
रिमाइंडर के बावजूद सरकारी विभाग नहीं चुका रहे होल्डिंग टैक्स
डीएम ने राजस्व संग्रहन में तेजी लाने का दिया निर्देश
नगर परिषद किशनगंज का कार्यालय भवन।