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वलीपुर गांव में अरुण सहित 79 लोगों की हुई हत्या

एक वर्ष पहले
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विद्यापीठ चौक स्थित मेघराज मुहल्ले में वलीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर अरुण सिंह की अपराधियों ने बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गांव में दहशत व मातम का माहौल है। मृतक अरूण सिंह के समर्थक एवं उनके हत्या के नामजद वलीपुर निवासी पूर्व जिला पार्षद बृजनंदन शर्मा उर्फ डिल्लन सिंह के समर्थक घटना से सशंकित हो दहशत में है। गांव के प्रॉपर्टी डीलर अरुण सिंह हत्या कोई नई बात नहीं है। आपसी रंजिश एवं वर्चस्व में वलीपुर में कई हत्याएं हुई है। गांव में पूर्व में योगी सिंह, श्याम बिहारी सिंह, मनोज सिंह, खोखा सिंह, बैजनाथ सिंह का गिरोह संचालित होता था। वर्चस्व की लड़ाई में एक दूसरे की हत्या करते रहे। इन गिरोहों द्वारा नवोदित अपराधियाें की पाठशाला चलता था। वर्ष 1979 से गांव में हत्या का दौर चला जो आज भी जारी है। अब तक इस लड़ाई में अरूण सिंह सहित 97 लोगों हत्या हो चुकी है। समय के साथ कई अपराधी अपराध की दुनिया से हटकर पारिवारिक जीवन व्यतीत करने लगे लेकिन प्रतिशोध की भावना में कुछ गिरोह अब भी सक्रिय है। इसी प्रतिशोध में अरूण सिंह की हत्या हुई। गांव में हाल के दिनाें तक मृतक अरुण सिंह, बृजनंदन शर्मा उर्फ डिल्लन सिंह, बैजनाथ सिंह वर्चस्व को लेकर सक्रिय रहे। वर्चस्व की लड़ाई में अरुण सिंह के भाई शैलेश सिंह की भी पूर्व में हत्या कर दी गई। उसके बाद नीलम सिंह के चचेरे भाई हप्पू सिंह सिंह की हत्या हुई। दोनों का मामला न्यायालय में लंबित है। गांव में डेढ़ दशक के बाद पुन: खूनी संघर्ष की पृष्ठभूमि तैयार होने लगी है। जिससे पूरे गांव के लोग भयभीत हैं। गांव मे सबसे पहले अपराधी श्याम बिहारी सिंह के भाई राम सिंह की हत्या 1979 में हुई थी। जिसकी हत्या जगदीश सिंह उर्फ जागो पहलवान ने की थी। इस हत्या का बदला उनके भाई श्याम बिहारी सिंह ने 1982 में जागो पहलवान की हत्या कर लिया था। इसके बाद हत्या का सिलसिला आज तक जारी है। इस हत्या के बाद रामनवमी सिंह, पूर्व सरपंच कृष्णनंदन सिंह, गणेश सिंह, शंभू सिंह, बमबम सिंह, सुनील सिंह, सुधीर सिंह, बमबम सिंह, रामवृक्ष सिंह, राम पदारथ सिंह, गबूला झा, झपसू सिंह, शैलेश सिंह, भागीरथ सिंह, तपस्वी सिंह, सत्येंद्र सिंह, रामाश्रय पहलवान, नेपाली सिंह समेत 97 लोगों की हत्या हो चुकी है।

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