बारिश नहीं होने से दिखने लगा धान पर असर राेगग्रस्त हाेने लगी फसल, किसान चिंतित

Lakhisarai News - पर्याप्त मात्रा में बारिश नही होने का असर अब धान पर दिखने लगा है। धान में रस चूसक, ब्लास्ट आदि कीटों के संक्रमण से...

Sep 14, 2019, 07:16 AM IST
Chanan News - due to lack of rain the effect on paddy started affecting the crop farmers worried
पर्याप्त मात्रा में बारिश नही होने का असर अब धान पर दिखने लगा है। धान में रस चूसक, ब्लास्ट आदि कीटों के संक्रमण से किसान परेशान हैं। धान की फसल सूखने लगी है। रोग के लक्षण पहले पत्तियों पर दिखाई देता है लेकिन इसका आक्रमण गांठों तथा दानों के छिलकों पर भी होता है।

पत्ती ब्लास्ट, ब्लास्ट और गर्दन ब्लास्ट के रूप में इस रोग को देखते हैं। जब यह रोग उग्र होता है तो बाली कमजोर होकर गिर जाती है।अनुकूल वातावरण में बढ़कर आपस में मिल जाते हैं।जिसके फलस्वरूप पत्तियां झुलसकर सुख जाती है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश कुमार पासवान ने बताया कि इस मौसम में धान की फसल में फफूंद रोग ज्यादा हो रहे हैं। जिस खेत में इस तरह की बीमारी का लक्षण दिखे तो किसान को यूरिया का छिड़काव नहीं करनी चाहिए। अगर धान की पत्ती सफेद होकर सूख रहा है या पौधा गल कर गिर रहा है तो कृषि विशेषज्ञों से मिलकर उचित सलाह से दवा का छिड़काव करना चाहिए। वहीं कृषि समन्वयक रंजीत कुमार ने बताया कि धान में गर्मी व उमस के कारण यह रोग होता है। इसके लक्षण मिलने के बाद जानकारों से सलाह लेकर बायोमेक्सम या सुपर किलर नामक कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए। बायोमेक्सम को 100 एमएल प्रति 100 लीटर पानी के हिसाब से तथा सुपर किलर को 200 एमएल प्रति 100 लीटर पानी में मिलाकर धान की फसल पर छिड़काव करना चाहिए। इसके छिड़काव करने से रोग का प्रभाव खत्म होगा साथ ही धान की बालियां भी पुष्ट होगी।

धान के पौधा में लगा रसचूसक बीमारी।

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