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कलेक्ट्रेट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित बस स्टैण्ड बना डंपिंग जोन

एक वर्ष पहले
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लाखों रुपये खर्च कर शहर में सरकारी बस पड़ाव रहने के बावजूद भी बस पड़ाव में नहीं शिफ्ट नहीं हो सकी है। नतीजा बस चालकों ने शहर की मुख्य सड़क को ही बस टर्मिनल बना डाला है। बस पड़ाव के बजाए अवैध रूप से बनाए गए टर्मिनल यात्रा समाप्त और शुरूआत करती है। सरकारी बस पड़ाव में बसे तो नहीं लगती, लेकिन नगर परिषद का कचड़ा डंपिंग जोन जरूर बन गया है। सात-आठ साल पहले कलेक्ट्रेट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर बाइपास में एक बड़े भू भाग पर सरकारी बस पड़ाव बनाया गया।

लेकिन कभी भी वहां से बसें नहीं चली और सुबह शाम लखीसराय स्टेशन के पास रेलवे पुल के पास से शेखपुरा, सिकन्दरा एवं हलसी जाने वाली बसें टर्मिनेट होती है। बीच सड़कों पर ही बसों को दूसरी दिशा की ओर मोड़ा जाता है। व्यस्त सड़क पर अवैध बस टर्मिनल बनाने से शहर में रोज व रोज जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसी तरह बजार समिति का भी बस पड़ाव के रूप में उपयोग किया जा रहा है। लखीसराय से सिकन्दरा-हलसी एवं शेखपुरा के लिए प्रतिदिन दर्जन से ज्यादा बसे चलती है।

एक बार फिर शुरू की गई प्रशासनिक पहल

तीन साल बाद एक बार फिर से प्रशासनिक पहल शुरू की गई है। कुछ दिन पहले एसडीओ मुरली प्रसाद सिंह बस पड़ाव पहंुचे। बंद पड़े पड़ाव को चालू करने की पहल शुरू की। यह पहली प्रशासनिक पहल नहीं हैं। इससे पहले भी नगर परिषद द्वारा भी प्रयास किया गया लेकिन सफल नहीं हो पाया। इस बार का प्रशासनिक पहल सफल हुआ तो शहर में जाम की आधी समस्या खत्म हो सकती है। बड़े वाहनों के प्रवेश से ही जाम की समास्याओं से रोज व रोज हर किसी को रू ब रू होना पड़ता है।

बस स्टैण्ड़ बना डंपिंग जोन।

तीन साल पहले हुई थी प्रशासनिक पहल

2017 में तत्कालीन एसडीओ शैलजा शर्मा ने अवैध बस टर्मिनल को सड़क से हटा कर बने सरकारी बस पड़ाव में शिफ्ट करने की पहल की थी। नगर परिषद द्वारा हाईमास्ट लाईट एवं बोरिंग भी लगाई कई थी। कुछ महिनों तक बसे पड़ाव से चली भी लेकिन यह वयवस्था स्थायी नहीं हो सकी। शैलजा शर्मा के स्थानांतरण के बाद फिर से सरकारी बस पड़ाव सूना पड़ गया।

नगर पारिषद ने बनाया डंपिंग जोन

सरकारी बस पड़ाव में बसे तो नहीं दिखती। बसों की जगह कचड़ों का ढेर लगा हुआ है। नगर परिषद द्वारा फिलहाल बस पड़ाव को डंपिंग जोन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। नगर परिषद के ट्रैक्टरों द्वारा रोज जमा कचड़ों का बस पड़ाव में भी डंपिंग किया जा रहा है। नगर पारिषद द्वारा बस पड़ाव में लगे हाईमास्ट लाइट भी खराब है। बस पड़ाव के एक कमरे में होमगार्ड के जावनों का आवास बन गया है।
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