किसानों की रैयती जमीन पर बालू उत्खनन मामले में उच्च न्यायालय ने सुनाया फैसला

Lakhisarai News - उच्च न्यायालय पटना ने सूर्यगढ़ा प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत किशनपुर गांव के किसानों की रैयती जमीन पर खनिज...

Jan 16, 2020, 08:55 AM IST
Piparia News - high court orders verdict in sand mining case on farmers39 ryoti land
उच्च न्यायालय पटना ने सूर्यगढ़ा प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत किशनपुर गांव के किसानों की रैयती जमीन पर खनिज विभाग द्वारा बालू उत्खनन पर रोक लगाए जाने का एक अहम फैसला सुनाया है। फैसले में कहा गया है कि किसानों की सहमति से उनके रैयती जमीन से उप मिट्टी खनिज को हटा सकती है और क्षतिपूर्ति की भरपाई करेगी।

उच्च न्यायालय पटना के न्यायाधीश आदित्य कुमार त्रिवेदी ने यह फैसला सुनाया है। किशनपुर गांव के मुरारी सिंह, मनोज कुमार, निर्भय कुमार सिंह, सुशांत कुमार, राजेन्द्र सिंह ने उच्च न्यायालय में किशनपुर मौजा में उनके रैयती जमीन पर से खनिज विभाग के प्रधान सचिव, राज्य सरकार के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी और जिला खनिज पदाधिकारी के विरुद्ध बालू उत्खनन पर रोक लगाए जाने के संबंध में एक मुकदमा दायर किया गया था। जिसमें याचिकाकर्ताओं ने उक्त पदाधिकारियों के आदेश पर उनके किशनपुर मौजा के रैयती जमीन से बालू उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा था एवं उनके जमीन पर बालू का भंडारण किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में इस संबंध में सीडब्लूजेसी केस संख्या 22885/2019 के तहत एक रिट याचिका दायर की थी। न्यायाधीश आदित्य कुमार त्रिवेदी ने अपने फैसले में कहा कि खनिज विभाग के नियमों एवं पॉलिसी के तहत संरक्षित किया गया है जो स्पष्ट रूप से बालू उत्खनन को किसी भी रैयती जमीन में अनुमति नहीं दी जाएगी। भूमि के मालिक एवं रैयत की सहमति प्राप्त करना होगा। रैयती भूमि से उप मिट्टी की बालू को हटा सकती है और भूमि मालिक को पर्याप्त रूप से क्षतिपूर्ति करना होगा। बालू उत्खनन के पहले सक्षम पदाधिकारी से पर्यावरणीय आदेश लेना अनिवार्य है।

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