लाेगाें ने प्रदर्शनी का लुत्फ उठाया खुद का बनवाया माई स्टाम्प

Lakhisarai News - प्रधान डाकघर में शनिवार को फिलैटली दिवस मनाया गया। फिलैटली शब्द टिकटों के संकलन और इसके अध्ययन को इंगित करता है। ।...

Oct 13, 2019, 08:05 AM IST
प्रधान डाकघर में शनिवार को फिलैटली दिवस मनाया गया। फिलैटली शब्द टिकटों के संकलन और इसके अध्ययन को इंगित करता है। । फिलैटली दिवस के अवसर पर माई स्टाम्प बनवाने के लिए माई स्टाम्प का विशेष काउन्टर लगाया गया था। इस दौरान बच्चों के बीच फिलाटेली के महत्व को बताया गया । बच्चों ने अपार उत्साह के साथ टिकटों की रंगा-रंग दुनिया को समझा और अपनी जानकारी को बढ़ाया । बहुत से बच्चों ने इस कार्यक्रम के दौरान अपना फिलाटेली एकाउंट भी खुलवाया। प्रधान डाकघर में दो फेमों में टिकटों की प्रदर्शनी की गई तथा माई स्टाम्प काउन्टर भी खोला गया जिसमें आम जनों ने प्रदर्शनी का लुफ्त उठाया एवं अपना खुद का एवं अपने परिवार के सदस्यों का माई स्टाम्प बनवाया । मुख्य डाक के पोस्टमास्टर मनीष कुमार ने बताया कि बच्चों में फिलैटली के शौक को बढ़ावा देने के उद्येश्य से भारतीय डाक प्रति वर्ष दीन दयाल स्पर्श छात्रवृति योजना का आयोजन करती है। सफल छात्रों को 500 रूपये प्रति माह की दर से छात्रवृति प्रदान करती है। इस वर्ष की दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना प्रतियोगिता रविवार को पूर्वी बिहार के 28 केन्द्रों पर परीक्षा होगी जिसमें 9000 से अधिक बच्चे छात्रवृति के लिए अपना भाग्य अपनाएंगें बताते चलें कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को फिलैटली डिपॉजिट एकाउन्ट खुलवाना पड़ता है।

-विश्व का पहला डाक टिकट 1773 में किया गया था जारी

पूर्वी क्षेत्र के महाडाक पाल ने बताया कि विश्व का पहला कॉपर टिकट 1773 में ब्रिटिश सरकार द्वारा बिहार के तत्कालीन अजीमाबाद- वर्तमान पटना में जारी हुआ था । प्रथम डाक टिकट पेनी ब्लैक 1840 ई0 में ब्रिटिश सरकार के द्वारा जारी किया गया था । जिसमें तत्कालीन युवा महारानी विक्टोरिया की तस्वीर बनी थी । तभी से डाक संग्रह का सिलसिला शुरू हो गया था ।

1860 आते आते समूचे विश्व में एक हजार से अधिक डाक टिकट संकलक एवं विक्रेता विश्व पटल पर आ चुके थे। भारत में स्वतंत्रता के पूर्व जारी टिकट “ द इनवर्टेड हेड फोर आनाज” 1854 में जारी हुआ था ।

यह संसार का प्रथम बहुरंगीय टिकट था । स्वतंत्रता के बाद तीन टिकटों की एक श्रृंखला जारी हुई जो जय हिंद सिरिज के नाम से जाना गया। उन्होंने बताया कि छात्रवृति योजना में 2019 में बिहार के 9 हजार से ज्यादे बच्चों ने फकलैटली डिपोजित एकांट खुलाया है। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।

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