लोगाें ने एक दूसरे को गुलाल व रंग लगाकर होली की दी शुभकामनाएं, चलता रहा पकवानों का दौर
प्रखंड के सूर्यगढ़ा, मेदनीचौकी, कजरा, माणिकपुर, पीरीबाजार के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में होली का पर्व हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को रंग व गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। सूर्यगढ़ा बाजार, सलेमपुर, पटेलपुर, मौलानगर, जकडपुरा, मानुचक, अवगिल रामपुर, माणिकपुर, कवादपुर, खांडपर एवं अन्य गांवों के चौक-चौराहे पर हर वर्ग के लोग न केवल लोगों को रंग लगाया बल्कि कपडा फाड़ होली भी मनाई। चारों तरफ होली का उत्साह रहा। महिलाएं सुबह से ही पकवान पकाने में व्यस्त दिखी।
उन्होंने तरह-तरह के व्यंजन पुआ, पुरी, तिलोैडी, प्याजू इत्यादी बनाया। इधर सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष चंदन कुमार के अलावे अन्य पुलिस पदाधिकारी क्षेत्र में लगातार गश्ती लगाते रहे। क्षेत्र में छीटपुट घटनाओं के बीच होली संपन्न हो गई। होली पर्व पर माणिकपुर थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार, मेदनीचौकी थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा द्वारा नियमित गस्ती कर क्षेत्र मे ंशांति का महौल बनाया गया।
जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मनाई होली, उडाये गुलाल| होली पर्व के दौरान प्रखंड के जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर होली का आंनद उठाया।प्रखंड प्रमुख चंदन देवी के आवास पर प्रखंड के सभी पंचायत समिति सदस्यों ने एक दुसरे को रंग गुलाल लगाकर होली मनायी। मौके पर पूर्व मुखिया अजय पासवान, पंसस पंकज कुमार, शशिभूषण यादव, नवल किशोर नवल, क्रांति देवी, प्रवीण कुमार, महेन्द्र रजक, प्रफुल्ल कुमार, विवेक कुमार, रौशन कुमार, अजीत सिंह, पम्मा देवी, अनिल यादव, मीरा देवी, सिधेश्वर यादव, पूजा देवी, रीना देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इधर प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी होली मनायी।
नियोजित शिक्षकों ने नहीं मनाई होली
हलसी | प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र के गांवों में होली बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने रंग गुलाल खेलकर हर्षोल्लास के साथ होली मनाई। वहीं हड़ताली नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने होली का पर्व नहीं मनाया। बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति सचिव मंडल के सदस्य बिपिन बिहारी भारती ने कहा कि अल्प वेतनभोगी नियोजित शिक्षकों को बिहार सरकार के तानाशाही रवैया का दंश झेलना पड़ रहा है। शिक्षकों को कमाया मजदूरी पर भी सत्ता के नशे में चूर मुख्यमंत्री ने रोक लगाकर होली नहीं मनाने पर विवश कर दिया। संवेदनहीन सरकार ने अपनी गैर जरूरी जिद्द में शिक्षकों के संवैधानिक और मानवीय मूल्यों को भी कुचलकर रख दिया। कमाया वेतन माह जनवरी का भुगतान नहीं कर बिहार के साढ़े चार लाख गरीब नियोजित शिक्षकों की होली बेरंग कर डाली।
बड़हिया में कई स्थानों पर हुअा मटका फोड़ कार्यक्रम
बड़हिया| रंगों का त्योहार होली मंगलवार को परंपरागत तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान नगर के बड़हिया बाजार, मेनरोड, स्टेशन रोड, बाईपास, महारानी स्थान, नागवती स्थान रोड सहित मोहल्लों व गलियों में जमकर होली खेली गई। विशेषकर युवाओं का उत्साह चरम पर था। कई स्थानों पर मटका फोड़ प्रतियोगिता में युवाओं ने भाग लिया। होली गीतों की मधुर धुन पर मस्ती में थिरकते युवाओं की टोलियों ने नगर भ्रमण कर लोगों को होली के रंग में सराबोर कर दिया। दोपहर 12 बजे तक हुड़दंग पूरे शबाब पर रहा लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे लोग अपने अपने घरों को लौटने लगे थे। 12.50 बजे तक सड़क व गलियों में होली खेलने का सिलसिला थम गया। हालांकि शाम को लोग नहा धोकर हाथों में अबीर-गुलाल की थैलियां लेकर निकले।
मटका फोड होली का हुआ आयोजन
शनिवार को प्रखंड के मौलानगर, सलेमपुर, मानुचक, माणिकपुर में मटका फोड़ होली का आयोजन समारोह पूर्वक किया गया। इसमें युवाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। वहीं मटका कार्यक्रम में उदय कुमार, संतोष कुमार, विनोद दास, राजाबाबु, कारू, इत्यादी ने मटका कार्यक्रम को सफल बनाते हुए परंपरागत तरीके से मटका फोडा।
सूर्यगढ़ा में होली खेलते युवकों की टोली और नाचते-गाते लोग।
होली पर्व पर एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते बच्चे व लोग।
बड़हिया में होली खेलते ग्रामीण एवं युवक।
बड़हिया में होली खेलते ग्रामीण एवं युवक।
चानन में होली खेलती महिलाएं एवं होली की गाती बच्चियां व युवतियां।
सूर्यगढ़ा में होली खेलते युवकों की टोली एवं होली खेलते प्रखंड प्रमुख।