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शशिबाला सशक्तिकरण व पीपी महिला न्याय के लिए देतीं नि:शुल्क सेवा

एक वर्ष पहले
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करीब 20 वर्षों से पीपी महिलाओं को न्याय दिलाने का काम कर रहीं और शशिबाला गरीब लड़कियों के पढ़ाई में मदद कर करतीं है प्रोत्साहित

समाज की महिलाअों को संगठित कर उन्हें सशक्त बनाने में शशिबाला भदानी सराहनीय भूमिका निभा रही है। करीब बीस वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य रही है वहीं पॉस्को की स्पेशल पीपी कुमारी बबीता महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए नि:शुल्क सेवा दे रहीं हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने में दोनों की भूमिका अहम है। समाज में उनके कार्यों की सराहना हो रही है। दोनों नि:स्वार्थ भाव से महिलाओं के हित में अपना योगदान कई वर्षों से दे रही है। दोनों विभिन्न संगठनों से जुड़ कर अपने कार्य को अंजाम तक पहुंचा रही है।

लखीसराय को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम में मिली राष्ट्रीय पहचान

लखीसराय | सूर्यगढ़ा प्रखंड के झापानी गांव में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत जिला प्रशासन की पहल पर आंगनवाड़ी सेविका के माध्यम से अभिभावकों को प्रेरित कर “घर का नाम, बेटी के नाम” करने के कार्यक्रम को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सराहना की है। साथ ही इस अनूठी पहल को इनोवेशन बुक में स्थान दिया गया है। डीएम शोभेन्द्र कुमार चौधरी को इस कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। इस पहल से जिले को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम में राष्ट्रीय पहचान मिली है। कार्यक्रम के तहत “घर की पहचान-बेटी के नाम” एक पायलट प्रोग्राम के रूप में किया गया। शुरुआत लखीसराय जिला अंतर्गत सूर्यगढ़ा प्रखंड के झापानी गांव में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत जिला प्रशासन की पहल पर आंगनवाड़ी सेविका के माध्यम से अभिभावकों को प्रेरित कर “घर का नाम, बेटी के नाम” करने की शुरुआत की गई थी।

महिलाओं को महुरी वैश्य महिला समिति संगठन के तत्वावधान में सशक्त बना रहीं

शशिबाला भदानी अपने समाज की महिलाओं को महुरी वैश्य महिला समिति संगठन के तत्वावधान में संगठित कर उन्हें सशक्त बना रहीं हैं। वे इस संस्था की संरक्षक हैं। इसके अलावा बिहार ताइक्वांडों संघ की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। शशिबाला भदानी समाज की महिलाओं को संगठित कर उन्हें सशक्त बनाने के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी योगदान दे रहीं हैं। संस्था के माध्यम बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए अभियान चलातीं हैं साथ असहाय व गरीब लड़कियों को पढ़ाई एवं खेल में प्रोत्साहन देने के लिए लोगों की मदद से सहायता भी प्रदान करतीं हैं। इस वर्ष उन्होंने संस्थान के माध्यम से खेल एवं पढ़ाई की क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली दस छात्राओं को ट्रैकसूट, जूता, किताब, कॉपी आदि देकर सहायता किया। शशिबाला भदानी इस क्षेत्र में विगत बीस वर्षों से कार्य कर रही है। वे इनर व्हील संस्था से भी जुड़ी रही। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों से जुड़ कर सामाजिक क्षेत्र में कार्य करती रही। उनके जुझारूपन के कारण उन्हें ताइक्वांडों संघ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। शशिबाला भदानी कहतीं हैं कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किसी से प्रेरणा नहीं मिली बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को देखते हुए इस क्षेत्र में कार्य करना शुरू कर दिया। इस कार्य में पति राजकुमार भदानी का भी पूरा सहयोग मिला।


महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए है कार्यक्रम का उद्देश्य

लखीसराय व्यवहार न्यायालय में वरीय अधिवक्ता के रूप में कार्यरत एवं पॉस्को की स्पेशल पीपी कुमारी बबीता काफी दिनों से संघर्ष के बाद अपनी पहचान समाज में बनाई है। लखीसराय विकास समिति संस्था बनाकर लोगों के सहयोग के लिए तत्पर रहती है। साथ ही वे समाज में पीड़ित महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उन्हें न्याय दिलाने के लिए नि:शुलक न्यायिक सेवा प्रदान करतीं हैं। महिलाअों पर होने वाले अत्याचार या उन्हें न्याय दिलाने के लिए तत्पर रहतीं हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं काे सशक्त बनाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाने का है। यह कार्य अब भी सक्रिय रूप से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान ही महिलाओं के पिछड़ेपन को देखते हुए उन्हे सशक्त बनाने के लिए सक्रिय हो गई।

कुमारी बबीता

शशिबाला भदानी
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