आम के मंजर काे बचाने के लिए करें दवा का छिड़काव
प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आम के पेड़ों में मंजर देख किसान काफी हर्षित हैं। किसानों का कहना है कि मौसम ठीक रहा तो आम का ज्यादा फल लगेगा। किसान शंकर महतो, सहदेव यादव, विपिन महतो कहते हैं कि इस बार मौसम आम के लिए अनुकूल है। पिछले साल मंजर में बीमारी आने के कारण ज्यादा फल नहीं आया था। इसलिए आम काफी महंगा बिका। लेकिन आम उत्पादक किसानों ने इस बार सजगता नहीं बरती और मधुआ रोग का प्रकोप कमोबेश शुरू हो चुका है। मधुआ रोग भुगना नामक छोटा सिलेट एवं गहरे रंग का फुदकने वाला कीट है। इसके छोटे बच्चे तथा वयस्क दोनों ही आम के मंजरों, नई शाखाओं और पतियों का रस चुसता है।
इससे मंजर और फल भी सुखकर गिर जाते हैं। यह कीट एक चिपकने वाला मधु जैसा पदार्थ पैदा करता है। इससे पत्तियों पर काली फफुंद जम जाती है और पुरी पत्ती काली हो जाती है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश कुमार पासवान पेड़ों की धुलाई और दवा छिड़काव करने की सलाह दी है।
इन दवाअाें का इस प्रकार करें प्रयाेग
वहीं कृषि समन्यवयक चन्द्रभूषण कुमार, कृष्णकिशोर कुमार कहते हैं कि मंजर आने के पहले पेड़ पर डायमेथोएट की एक मिली, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड तीन ग्राम व स्टेप्टोसाइक्लिन आधा ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। एक सप्ताह बाद घुलनशील सल्फर दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। कीड़े नहीं लगेंगे और फफूंद जनित बीमारियों से भी राहत मिलेगी। इस वर्ष प्रखंड के छोटे और लघु किसानों को आम की बंपर फसल के आसार हैं।
आम के पेड़ में लगा मंजर।