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74 स्कूलों के 12 हजार बच्चों ने चखा सेंट्रल किचन से तैयार खाना, 8 स्कूलों में छात्रों को करना पड़ा इंतजार

Madhepura News - शहरी क्षेत्र स्थित सरकारी विद्यालयों के बच्चों को शुक्रवार से सेंट्रल किचन से खाना पहुंचाने का काम शुरू हो गया।...

Feb 15, 2020, 09:55 AM IST
Singheswar News - 12 thousand children from 74 schools tasted food prepared from central kitchen students had to wait in 8 schools

शहरी क्षेत्र स्थित सरकारी विद्यालयों के बच्चों को शुक्रवार से सेंट्रल किचन से खाना पहुंचाने का काम शुरू हो गया। यह योजना पहले चरण में मधेपुरा शहर के अलावा सिंहेश्वर व मुरलीगंज के शहरी क्षेत्र में शुरू की गई है। इससे 12 हजार बच्चे को फायदा मिलेगा। एमडीएम के डीपीओ केएन सादा ने बताया कि मधेपुरा के 48, मुरलीगंज के 10 तथा सिंहेश्वर के 8 विद्यालयों में मिड-डे- मील पहुंचाया जाना है। डीईओ, एसएसए व एमडीएम के डीपीओ ने इस योजना का शुभारंभ किया।

मौके पर डीईओ उग्रेस प्रसाद ने कहा कि यह योजना आने वाले समय में शिक्षा जगत के लिए मील का पत्थर साबित होगी। फिलहाल यह योजना केवल मधेपुरा नगरपरिषद क्षेत्र के अलावा मुरलीगंज व सिंहेश्वर के शहरी क्षेत्र में शुरू की गई है। सफल होने पर अन्य जगह से भी शुरू होगी। उन्होंने बताया कि सेंट्रल किचन के दायरे में आने वाले सभी सरकारी स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मील का पूरा खाना इस किचन में तैयार होगा। साथ ही पका हुआ मिड-डे-मील चार पहिया वाहन से स्कूलों में भेजा जाएगा।

डीपीओ ने कहा- एक सप्ताह में सुदृढ़ हो जाएगी पूरी व्यवस्था, फिर नहीं होगी दिक्कत


40 हजार बच्चों को खिलाने की क्षमता है सेंट्रल किचन की

डीपीओ ने बताया कि इस काम का जिम्मा पारस एग्रो साेसायटी को दिया गया है। जिसकी काम करने की क्षमता 35-40 हजार है। व्यवस्था सही होने के बाद पूरे जिले में दो और स्थानों पर इस तरह का किचन बनेगा।

मध्य विद्यालय मुरलीगंज में 100 बच्चों को नहीं मिला खाना

आदर्श मध्य विद्यालय मुरलीगंज में 100 बच्चों का खाना कम हो गया। एचएम कुमारी अंबिका देवी ने बताया कि पहले दिन लगभग 100 बच्चों का खाना कम हो गया। बताया कि 12-12 डिब्बा चावल और सब्जी चाहिए थी। लेकिन चावल छह डिब्बा और सब्जी आठ डिब्बा मिली। दूसरी ओर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जयरामपुर की एचएम शोभा कुमारी ने बताया कि पहले दिन 50 से अधिक बच्चे भूखे रह गए। हालांकि इन स्कूलों के कुछ बच्चों ने खाना को पहले से अच्छा तो कुछ न ठीक-ठाक बताया।

जिले की जर्जर सड़क इस अभियान के लिए बड़ा रोड़ा

इस अभियान को सफल बनाने में जर्जर सड़क बड़ा रोड़ा है। सेंट्रल किचन कॉमर्स कॉलेज के समीप बनाया गया है। वहां से शहर के आखिरी स्कूल की दूरी तीन किलोमीटर है। वहीं शहर के प्रवेश के समय ही निर्माणाधीन सड़क बड़ी बाधक है। वहीं मुरलीगंज व सिंहेश्वर जाने के दोनों रास्ते की सड़क पूरी तरह से जर्जर है। ऐसे में समय पर सुरक्षित खाना पहुंचाना भी बड़ी चुनौती है।

सुबह में छात्रों की उपस्थिति के बारे में बताना होगा

डीपीओ ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिन तीनों स्थानों में लगभग 8-10 स्थानों पर विलंब से खाना पहुंचा है। पहले दिन मुरलीगंज के लिए एक बड़ी गाड़ी, सिंहेश्वर के लिए एक गाड़ी, वहीं मधेपुरा शहर के लिए छह वाहनों को लगाया था। उन्होंने बताया कि स्कूलों को इस योजना के तहत सिर्फ सुबह में बच्चों की उपस्थिति की संख्या सेंट्रल किचन को बताना है। डीपीओ ने बताया कि इसके लिए विभाग की ओर से सभी विद्यालयों को एक फॉर्मेट जारी किया जाएगा। जिसमें स्कूल का नाम, रूट का नाम, बच्चों की संख्या और केंद्रीय किचन से दूरी अंकित की जाएगी। वहीं जानकारी के अनुसार कई स्कूलों में खाना भी घट गया था।

वाहन को रवाना करते डीईओ व अन्य।

खाना नहीं मिलने के बाद शुक्रवार को हाथ में थाली लिए आदर्श मध्य विद्यालय मुरलीगंज के छात्र।

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