पश्चिमी विक्षोभ से 5.19 एमएम बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हाे रही बारिश से आलू, तिलहन तथा गेहूं किसानों को काफी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। शुक्रवार की रात तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश शनिवार को भी रूक-रूक कर जारी रही। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सचिदानंद झा ने बताया कि 14 मार्च को जिलेभर में औसत बारिश 5.19 एमएम आंकी गई। इस साल 14 मार्च तक कुल 20.24 एमएम बारिश का औसत रिकाॅर्ड किया गया। जबकि पिछले साल पूरे मार्च माह में 1 एमएम से भी कम 0.43 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। 5.19 एमएम बारिश से खेतों में जहां गेहूं तथा तेलहन की फसल गिर गयी है, वहीं आलू की खेत में पानी लग जाने से फसल को नुकसान होने का अनुमान लगाया है।
बारिश के कारण मौसम का तापमान छह डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाने से कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है। बारिश के पहले गुरुवार को मौसम का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था जो गिरकर 27 डिग्री पर पहुंच गया है। माैसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे तक जिला मुख्यालय समेत जिले के अन्य भागों में लगभग चार एमएम बारिश हो सकती है। बारिश के साथ-साथ 8-10 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से पछुआ हवा चलने का अनुमान है जिसके कारण ठंड के लौटने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वे संबंधित प्रखंड में बारिश व तेज हवा से फसल को होने वाली क्षति का आंकलन कर इसकी जानकारी विभाग को दें, ताकि अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। बारिश के कारण जहां चौसा प्रखंड परिसर समेत कई प्रखंडों में जल- जमाव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मोहल्लों में पानी जमा हो जाने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
जिले में हुई बेमौसम की बारिश से गिरा तापमान
कोरोना वायरस 30 डिग्री सेल्सियस तक प्रजनन कर सकता है। तापमान बढ़ने के बाद उसकी मौत हो जाती है। किंतु मौसम का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से कम रहने के कारण वह तेजी से प्रजनन करता है और अधिक से अधिक लोगों के संपर्क में आकर उसे प्रभावित कर देता है। चूंकि बिन मौसम बारिश के कारण वातावरण का तापमान गिर गया है लिहाजा कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है।
डॉ. मिथिलेश कुमार, जिलाध्यक्ष, आईएमएम, मधेपुरा
हवा में 89 प्रतिशत की नमी की गई रिकॉर्ड
जिले की हवा में आर्द्रता 89 फीसदी रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम बरसात रबी फसलों के लिए वज्रपात साबित हुई है। खासकर सरसों व आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं को खास नुकसान नहीं है। कृषि विज्ञान केंद्र, मधेपुरा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मिथिलेश कुमार राय का कहना है कि बारिश से आम में मंजर को भी नुकसान होने की उम्मीद है। बारिश के बाद बीमारी फैलने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आम की फसल पर सल्फर का घोल बनाकर छिड़काव किया जाए तो बीमारी को बहुत हद तक रोका जा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पिछले 15 साल में मार्च माह में इतनी बारिश नहीं रिकाॅर्ड की गई थी।
आज भी होगी बारिश, आसमान में छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग का अनुमान है कि जिले में रविवार को भी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से पछुआ हवा चल सकती है। आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अशोक कुमार पंडित, मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र, अगवानपुर, सहरसा
प्रखंड परिसर चौसा में जमा बारिश का पानी।
जिले में पांच दिन का संभावित तापमान
31
15
साल का मार्च महीने में जिले का टूटा रिकाॅर्ड
33 प्रतिशत फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने बताया कि बारिश के कारण शंकरपुर प्रखंड क्षेत्र के परसा में लगभग 27 हेक्टेयर में लगी आलू की फसल को नुकसान होने की सूचना है। अालू की फसल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि किसानों को सरकार से मुआवजा दिलाया जा सके। जिले में 3200 हेक्टेयर में तिलहन की खेती की गई है। 33 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल बर्बाद होती है तो सरकार उसका मुआवजा देगी अन्यथा नहीं मिलेगा।
मौसम विभाग का अनुमान - आज भी हो सकती है जिले में 4 एमएम बारिश {तापमान गिरने से बढ़ सकता है कोरोना वायरस का खतरा
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27
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18 मार्च
17 मार्च
16 मार्च
15 मार्च
14 मार्च
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जिले में बेमौसम की बारिश से खेत में गिरी गेहूं की फसल को देखता किसान।