अल्लाह ने इल्म का सीखना फर्ज करार दिया : मौलाना मुफ्ती
प्रखंड क्षेत्र के अरजपुर गोठ में एक दिवसीय पैगाम-ए-इंसानियत कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें मुल्क के नामचीन मौलानाओं ने शिरकत की। लाइन बाजार पूर्णिया निवासी हजरत मौलाना मुबारक हुसैन साहब ने कॉन्फ्रेंस की सदारत की। इस दौरान कोलकाता से आए हजरत मौलाना मुफ्ती सोहराब साहब ने कहा कि आज भी मुसलमानों को इल्म की रौशनी की जरूरत है। इंसान के लिए इल्म एक बहुत बड़ी दौलत है, जो हमेशा दुनिया और आखरत में साथ रहेगी। इल्म की बदौलत इंसान सब कुछ पाता है, जो सही रास्ता दिखाता है। इसलिए हर मुसलमान के लिए अल्लाह ने इल्म का सीखना फर्ज करार दिया है।
मजहबे इस्लाम अमन व शांति का मजहब
हाजीपुर से आए हजरत मौलाना जियाउल अमीन चतुर्वेदी साहब ने कुरान और वेद के हवाले से कहा कि मजहबे इस्लाम अमन व शांति का मजहब है। मजहब नफरत नहीं सिखाता है, बल्कि मोहब्बत का दीया रौशन करता है। मधुबनी के मौलाना हजरत असलम नदवी ने कहा कि इस वक्त हिंदुस्तान में हर मजहब को मानने वाले लोग हैं, जो अपने देश से प्यार करते हैं। आज जरूरत है हिंदू-मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में मिलजुलकर अपने मुल्क की हिफाजत करें। जब मुल्क बचेगा तभी कोई भी कौम चैन व सुकून से अपनी जिंदगी गुजार सकेगा। शायरी इस्लाम कारी जमशेद जोहर ने अपने नातिया कलाम पेश कर लोगों को बाग-बाग किया। मौलाना नोमान शादीक पूर्णिया, मुफ्ती शादीन नजीब दार्जिलिंग ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन लघु सिंचाई एवं विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने किया। मौके पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद, अबू सालेह सिद्दीकी, कॉंफ्रेंस कमेटी के मो. कौसर आलम, मो. शब्बीर आलम, मकसूद आलम, हाजी मो. तहसील आलम, मो. नसीम, मो. महमूद, मो. अंजार, मो. मुशर्रफ आदि मेहमाननवाजी में लगे रहे।
चौसा के अरजपुर गोठ में कांफ्रेंस का उद्घाटन करते मंत्री नरेंद्र नारायण यादव व अन्य।