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73 साल बाद भी मजदूरों के हालात बदतर : देवेंद्र

एक वर्ष पहले
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बिहार प्रदेश खेतिहर मजदूर यूनियन अंचल कमेटी मुरलीगंज के आह्वान पर प्रखंड कार्यालय में एक दिवसीय धरना शनिवार को दिया गया। जिसमें मुरलीगंज रेलवे प्लेटफाॅर्म को ऊंचा करने, लंबी दूरी की ट्रेनों को पूर्णिया से करने, एनआरसी, सीएए को वापस लेने की मांग को लेकर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र चौरसिया ने कहा कि आजादी के 73 वर्ष बीत जाने के बाद भी मधेपुरा में मुरलीगंज की स्थिति बद से बदतर है। मजदूरों के हालात आज भी वैसे है, जैसे आजादी के समय थी। सीपीएम राज्य कमेटी सदस्य गणेश मानव ने कहा कि मजदूरों के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। महंगाई, भ्रष्टाचार, बलात्कार, बेरोजगारी पर रोक लगाने में केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह अक्षम है। जनता की मूलभूत समस्या सहरसा तक आने वाली सभी ट्रेनों को पूर्णिया भाया मुरलीगंज तक चलाया जाए। भूमिहीनों को जमीन का बासगीत पर्चा मुहैया कराया जाए। किसानों को सस्ते दर पर खाद, बीज, डीजल एवं कीटनाशक मुहैया कराने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। खेती की लागत दर से डेढ़ गुना अधिक मूल्य पर किसानों के अनाज की बिक्री सुनिश्चित कराई जाए। एनएच- 106 और 107 के निर्माण में हो रहे विलंब पर विरोध दर्ज करते हुए कहा कि जल्द से जल्द इसका निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। अधिवक्ता श्यामानंद गिरि ने कहा कि एनआरसी, एनपीआर और सीएए को केंद्र सरकार वापस नहीं ली तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। देश वित्तीय संकट से गुजर रहा है। मौके पर राज्य कमेटी के सदस्य बैजनाथ प्रसाद यादव, जिलाध्यक्ष ललन कुमार यादव, जिला सचिव श्यामानंद गिरी, रामचरण यादव, रामनरेश यादव, राजदीप यादव, अखिलेश यादव, विमल विद्रोही, कैलाश ऋषिदेव, राजेश कुमार हांसदा व बिजेंदर दास सहित अन्य भी मौजूद थे।

शनिवार को प्रखंड कार्यालय के सामने धरना देते लोग।
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