दोबारा मौका मिलने पर भी नहीं संभली आईएलएंडएफएस राजमार्ग मंत्रालय ने जारी किया ठेका रद्द करने का नोटिस

Madhepura News - सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कोसी बराज के समीप बीरपुर से भागलपुर के बीरपुर तक 136 किलोमीटर एनएच- 106 के पहले...

Bhaskar News Network

Aug 20, 2019, 07:40 AM IST
Gwalpada News - ilampfs highway ministry not able to get a chance again
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कोसी बराज के समीप बीरपुर से भागलपुर के बीरपुर तक 136 किलोमीटर एनएच- 106 के पहले पार्ट बीरपुर से उदाकिशुनगंज 106 किमी. बनाने वाले कंपनी आईएलएंडएफएस के ठेका को रद्द करने का नाेटिस दिया है। आरोप है कि तीन साल में काम पूरा करने का एग्रीमेंट कर कंपनी ने अक्टूबर 18 तक 60 फीसदी काम करने के बजाए मात्र 14.42 फीसदी ही काम किया। उसके बाद से काम भी ठप है। इसका कारण यह रहा कि कंपनी सड़क निर्माण के लिए जरूरी मशीनरी, प्लांट, मटेरियल और मैन पावर नहीं जुटा पाई। मंत्रालय का मानना है कि एक बार फेल हो जाने के बाद दोबारा आग्रह करने पर कंपनी को सड़क निर्माण के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए भी समय दिया गया। बावजूद मंत्रालय को लगता है कि कंपनी का इरादा काम पूरा करने के बदले बहाने बनाकर सिर्फ समय लेते रहना है। कंपनी ने भारत सरकार को भी मिसलीड करने का प्रयास किया। सबसे अहम बात यह है कि मंत्रालय के चीफ इंजीनियर ने अपने इस ऑर्डर में इस बात का भी जिक्र किया है कि कंपनी की लापरवाही के कारण एनएच- 106 पर चलने वालों को भी तकलीफ हुई। 14 अगस्त को जारी पत्र में चीफ इंजीनियर ने कंपनी को अपनी बात कहने के लिए 15 दिन का समय दिया है। जवाब दाखिल नहीं करने पर ठेका रद्द माना जाएगा।

एक बार टेंडर रद्द होने के बाद दोबारा भी मिला काम, लेकिन कंपनी करती रही बहानेबाजी

ग्वालपाड़ा के समीप एनएच-106 में बने गड्‌ढे में भरा पानी।

निर्माण के दौरान राहगीरों की सुविधाओं का भी नहीं रखा गया ख्याल

मंत्रालय का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान कंपनी मानकों की अनदेखी कर राहगीरों की सुविधाओं का भी ख्याल नहीं रखा। निर्माण के समय सड़क पर उड़ती धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव, बैरिकेडिंग के अलावा रोड सेफ्टी के लिए अन्य जरूरी कार्य भी नहीं किए। विभिन्न मामलों को लेकर इस कंपनी को सरकारी महकमे ने कई बार ताकीद की, पर उसकी भी अनदेखी की गई। यही कारण रहा पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी नाराज होकर स्वत: संज्ञान ले लिया। कंपनी ने कोर्ट में जो जानकारी दी, उसका भी पालन नहीं किया। इस कारण से कोर्ट ने भी 30 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में नाराजगी जाहिर करते हुए तीन हफ्ता का समय देते हुए 19 अगस्त को समाधान लेकर आने को कहा था।

एनएच-106 के गड्‌ढे रोक रहे वाहनों की रफ्तार

आठ माह से सिर्फ बहाने बना रही थी निर्माण कंपनी अभी भी सप्लायरों का बकाया है 18 करोड़ रुपए

दरअसल पिछले साल अक्टूबर में आईएलएंडएफएस 90 हजार करोड़ के कर्ज में डूब गई। लोकल ठेकेदारों और मशीन, मेटेरियल व डीजल-पेट्रोल, वाहन आदि के सप्लायरों के भी लगभग 18 करोड़ रुपए कंपनी पर फंस गए। इसके बाद जब हाईकोर्ट में मामला आया ताे कंपनी का नया खेल 22 जनवरी 19 से शुरू हुआ। कंपनी ने कहा कि वह शेष काम अगस्त 2020 में पूरा कर लेगी। एक सप्ताह बाद ही कंपनी ने कह दिया कि मंत्रालय चाहे तो शेष काम फ्रेश करवा ले। मंत्रालय आगे कुछ प्लानिंग करती कि 23 मई को कंपनी ने फिर मंत्रालय को पत्र दिया कि वह दोबारा काम करने में सक्षम है। इसे लेकर उसने अपना प्लानिंग देते हुए 106 किमी. एनएच को तीन पार्ट 0 से 45 किमी.(बीरपुर से महेशपुर), 45 से 90 किमी. (महेशपुर से अरार) और 90 से 106 किमी. (अरार से उदाकिशुनगंज) तक बनाने की बात कही। जिसमें 45 से 90 किमी. तक वह खुद निर्माण करती और बाकी के दो पार्ट को वह दूसरे ठेकेदार को काम देकर करवाती। कंपनी ने कहा कि इस तरह वह अक्टूबर 20 तक में काम पूरा कर लेगी। काम को जुलाई में शुरू करा देना था। लेकिन कंपनी ठेकेदार ही नहीं नियुक्त कर पाई। आखिरी बार कंपनी ने 9 अगस्त को मंत्रालय को पत्र देकर 22 अगस्त तक ठेकेदार नियुक्त कर लेने की बात कही।

बुढ़ावे के पास जर्जर एनएच-106 की हालत।

बुढ़ावे के पास जर्जर एनएच-106 की हालत।

वह सब जो आप जानना चाहते हैं-

एनएच 106 (बीरपुर-उदाकिशुनगंज 106 किमी.)

शिलान्यास-जुलाई 2001

स्वीकृति-नवंबर 2011

निर्माण खर्च-675 करोड़

कंपनी-आईएल एंड एफएस

वर्क एग्रीमेंट-2016 में

निर्माण समय-2 अक्टूबर 19, (36 माह)

लंबाई-106 किमी.

निर्माण हुआ-14.42 %

भुगतान हुआ- 67.5 करोड़

कंपनी को कभी मिला था एए प्लस का दर्जा

एनएच 106 को बनाने वाली आईएल एंड एफएस को कभी एए प्लस का दर्जा था। कंपनी ने 14.42 फीसदी काम किया और काम छोड़ दिया। इसे जंक स्टेटस यानी कबाड़ कंपनी के दर्जे में डाल दिया गया है। कंपनी के पास देश के 20 हाईवे प्रोजेक्ट थे, जो बंद हो गए हैं। इनमें गया-डोभी रोड प्रोजेक्ट भी है।

Gwalpada News - ilampfs highway ministry not able to get a chance again
Gwalpada News - ilampfs highway ministry not able to get a chance again
X
Gwalpada News - ilampfs highway ministry not able to get a chance again
Gwalpada News - ilampfs highway ministry not able to get a chance again
Gwalpada News - ilampfs highway ministry not able to get a chance again
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना