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अंधविश्वास : मृत बालक को जीवित करने के लिए गर्म सरिया से दागकर झुलसाया

एक वर्ष पहले
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प्राणहरण कर लेने का आरोप लगाकर तंत्र स्थल पर एक महिला को भक्तिन ने बुलाया


अनुमंडल मुख्यालय के जमुनिया टोला वार्ड पांच में मंगलवार काे लगभग छह घंटे तक एक मृत बालक को जीवित कर देने का खेल चलता रहा।

इस क्रम में भक्तिन के कहे अनुसार एक महिला को भी लोगों ने पकड़कर पूजा स्थल पर लाया, जिसके बारे में भक्तिन ने कहा था कि उसी महिला ने बालक के प्राण को अपनी साड़ी के खूंटे से बांध रखा है। बालक के शव को गर्म सरिया से भी कई बार दागा गया और हजाराें की भीड़ अंधविश्वास में पड़कर बालक के जीवित हो उठने की प्रतीक्षा करते रही। लेकिन जब एक तरफ भीड़ आक्रोशित हो गई और पुलिस भी वहां पहुंच गई तो शव को लेकर भक्तिन और उसके परिजन वहां से चुपके से खिसक गए। बताया गया कि मंगलवार को उदाकिशुनगंज पंचायत के वार्ड पांच जमुनिया टोला निवासी प्रकाश मुखिया के पुत्र संजीत कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का पुत्र विलाप में रो-रोकर बुरा हाल था। वे लोग अपने पुत्र को मृत मानने को तैयार नहीं थे। इसी बीच मृत बालक को जीवित कर देने का दावा पास की ही एक भक्तिनी करने लगी। बेटे के दोबारा जीवित हो जाने की उम्मीद में प्रकाश मुखिया और उसके परिजन भक्तिन के झांसे में आ गए आैर तंत्र-मंत्र शुरू करवा दिया। मृत बालक को जीवित करने के लिए भक्तिन ने अजीबोगरीब तरीका इख्तियार किया। यह देख गांव के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए।

भक्तिन ने बालक के शव को जमीन पर लिटा दिया और झाड़-फूंक करते हुए आग में गर्म किए लोहे के सरिया को बालक के शरीर के कई हिस्सों पर बार-बार चलाया। इससे बालक का शव पूरी तरह झुलस गया। फिर भी परिजन बालक के जीवित होने की आस में बैठे रहे। देखते-देखते शाम से रात होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कुछ घंटे के बाद भक्तिन ने कहा कि गांव के ही एक व्यक्ति की प|ी ने बालक का प्रण हरण किया है। प्राण को उसने अपनी साड़ी के खूंट में बांधकर रख लिया है। उसे पकड़ कर लाओ तो बालक जीवित हो जाएगा। भक्तिन की इस बात को सुनकर बालक के परिजन उस महिला काे खोजकर तंत्र-मंत्र स्थल पर लाया। इसके बाद उक्त महिला को साबित करने के लिए कहा गया। इससे माहौल तनावपूर्ण होने लगा। किसी तरह से लोगों के समझाने बुझाने पर परिजन शांत हुए। भक्तिन के लाख प्रयास के बावजूद बालक जीवित नहीं हुआ। धीरे-धीरे भक्तिन पर भीड़ का गुस्सा भी बढ़ रहा था। इसी बीच पुलिस को भी किसी ने इस खेल की खबर दे दी। इसके बाद पुलिस के पहुंचने पर शव को लेकर भक्तिन और बालक के परिजन वहां से भाग गए।

बालक के शव के पास झाड़-फूंक करती भक्तिन।
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