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मंदिर के पुराने गुंबद को द्रविड़ शैली में बनवाने की है योजना, श्रद्धालुओं से भी होगी रायशुमारी

एक वर्ष पहले
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मेला ग्राउंड से शिवगंगा होकर हो मंदिर में प्रवेश

सचिव ने बताया कि सावन, भादो, दुर्गा पूजा, महाशिवरात्रि में सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं का आंकड़ा करीब तीन लाख तक पहुंच जाता है। मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। इससे निपटने के लिए मेला ग्राउंड की ओर के पार्क में एक गेट का निर्माण कर वहां से शिवगंगा होते हुए श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश कराने की योजना है। इससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। इस पर एमएलसी ने उसका भी प्राक्कलन बनाने की बात कही।

सौंदर्यीकरण का काम है। विधान पार्षद ने कहा कि सभी चारों योजनाओं का प्राक्कलन बनाकर 16 मार्च तक दें, ताकि जिस विभाग का जो काम होगा, उस विभाग से बातचीत की जा सके। इस दौरान सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य विजय सिंह ने बताया कि सिंहेश्वर महोत्सव में पर्यटन मंत्री ने शिवगंगा का बखान करते हुए इसके सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग से खर्च करवाने की बात कही थी। इस पर पार्षद ने एक पत्र देने को कहा, ताकि पर्यटन विभाग को अवगत करा कर कार्य शुरू करवाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पास उनके फंड से बन रहे धर्मशाला को 80 से बढ़ाकर 120 बेड का कर दिया गया है।


सिंहेश्वर बाबा मंदिर में चढ़ने वाले जल के संरक्षण को लेकर बनाई जाएगी योजना


मंदिर में बनेगा भव्य धर्मशाला

एमएलसी सर्राफ को सचिव ने बताया कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा धर्मशाला बनवाने का आदेश दिया था। उसका प्राकलन भी बना था, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस बाबत एमएलसी ललन सर्राफ ने कहा वे मुख्यमंत्री को इस मामले से अवगत कराकर धर्मशाला निर्माण में आ रही बाधा को समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि एमएलसी फंड से भी ढाई करोड़ के लगभग की राशि सिंहेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण पर खर्च करने की योजना है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत उन्होंने इसके लिए इस तरह का प्राक्कलन बनाने की बात कही, जिससे कि मंदिर में चढ़ने वाले जल जमीन के अंदर जाए और आगे पौधा लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सिंहेश्वर बाबा पर हर साल करोड़ों लीटर जल चढ़ाया जाता है, जो यूं ही बेकार बह जाता है। उस जल के संचय के लिए भी एक योजना बननी चाहिए। इस पर मंदिर न्यास के सचिव ने बताया कि इसके लिए हम लोग चर्चा कर चुके हैं। उसका भी प्राक्कलन बनाने को कहा है।

मंदिर के विकास की योजनाओं पर चर्चा करते एमएलसी व अन्य।
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