अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 26 पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
नारी नहीं है सपना, नारी नहीं कहानी, नारी के गोद में ही पलती है जिंदगानी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नगर थाना परिसर में महिला सम्मान समारोह आयोजित कर एसपी डाॅ. सत्यप्रकाश ने 26 महिला पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। मौके पर एसपी ने कहा कि यह धरती महिला के तपस्या व तपोबल से ही टीका है। पुलिस विभाग के भी 33 प्रतिशत महिला की भागीदारी है। मधुबनी पुलिस बल में 20 प्रतिशत महिला है। जो हमेशा अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहती है।
वहीं, सदर एसडीपीओ कामिनी बाला ने कही की अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिला के त्याग व उसके कर्म को लेकर ही मनाया जाता है। महिला किसी पुरूष से कम नहीं है। उसने कहा की आज के समय में महिला पुरूष से आगे है। आत्मबल को मजबूत कर किसी भी कार्य को पूरा किया जाता है। जो अपने जीवन में हमने भी किया है।
‘नारियों की चूड़ियां
भी बनती हैं तलवार’
2015 बैंच की महिला सिपाही शालिनी कुमारी ने कही कि हमारे पिता किसान है। हमलोग अपने पिता के कष्ट को देखते हुए पुलिस फोर्स में आकर एक बार में पुलिस की परीक्षा पास कर देश की सेवा कर रहें है। वहीं अंजू कुमारी ने कहा कि नारी नही है सपना नारी नही कहानी, नारी के गोद में ही पलती है जिंदगानी, घर घर की है लक्ष्मी सुंदर पर दमके, मौका परे तो चुड़ियां तलवार बनकर खनके।
सम्मानित पुलिस कर्मी।