िवद्यापति के 80 मैथिली गीतों का अंग्रेजी में अनुवाद, ब्रिटिश म्यूजियम में िवद्यापति की पुस्तकें अब भी मौजूद

Madhubani News - श्रीलीलाधर प्लस टू उच्च विद्यालय बेनीपट्टी के विशाल प्रांगण में मिथिलांचल सर्वांगीण विकास संस्थान के तत्वावधान...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 06:40 AM IST
Benipatti News - 80 maithili songs of vidyapati translated into english vidyapati books still exist in british museum
श्रीलीलाधर प्लस टू उच्च विद्यालय बेनीपट्टी के विशाल प्रांगण में मिथिलांचल सर्वांगीण विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 35 वां मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह सह मैथिल महासम्मेलन के प्रथम दिन का उद्घाटन बीती शनिवार की रात सूबे के पीएचइडी मंत्री विनोद नारायण झा ने किया। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष अमरनाथ झा भोलन की अध्यक्षता एवं धरोहर सांस्कृतिक मंच के संचालक रमेश रंजन के मंच संचालन में आयोजित उद्घाटन सत्र की शुरुआत भगवती व स्वागत गीत से की गई। मंत्री झा, एसडीएम मुकेश रंजन, डीएसपी पुष्कर कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर सह बेनीपट्टी थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह, पूर्व प्रखंड प्रमुख नित्यानंद झा, प्रो. योगानंद झा, लोजपा के जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार झा पप्पू, नंद कुमार झा, डॉ. एमटी रेजा, प्रो. ब्रम्ह कुमार झा, जदयू के प्रखंड प्रवक्ता कालीशचंद्र झा कन्हैया सहित आगंतुक तमाम अतिथियों ने महाकवि विधापति के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मिथिला, मधुबनी और बेनीपट्टी की धरती पर एक से एक वीर व विभूति पैदा हुए। कवि कोकित विधापति न्याय, विमानसा आदि पर किताब लिख चुके हैं। शिव सिंह उनके दोस्त हुआ करते थे और सिंह ने कहा था कि विधापति जैसे विद्वान दूसरे नहीं हुए हैं। भारत के राजा व सम्राट शिव सिंह से दोस्ती होते हुए भी विधापति ने उसने कुछ भी नहीं मांगा।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते मंत्री विनोद नारायण झा व माैजूद अन्य।

कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक गीत, संगीत व नृत्य से श्रोताओं का मन मोहा

कार्यक्रम का दूसरा सत्र कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक व पारंपरिक गीत, संगीत, नृत्य के नाम रहा। धरोहर सांस्कृतिक मंच के संचालक रमेश रंजन के नेतृत्व में प्रीति प्रिया, रामचंद्र पासवान, लालदेव साह, राहुल कुमार, रोहित कुमार, मिथिलेश कुमार, गंगाराम पासवान, चिक्कुजी, छोटुजी, रोहिणी कुमारी, रवीना कुमारी, अजित निराला आदि ने सांस्कृतिक व पारंपरिक गीत, संगीत, नृत्य, झिझिया नृत्य, जट-जटिन, सुरबा-लुल्हवा आदि हास्य-व्यंग्य से भरे नाटक प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया और दिल जीत लिया।

कार्यक्रम स्थल पर मंत्री का हुआ विरोध

मंत्री विनोद नारायण झा के संबोधन और इसके उपरांत मंच पर से नीचे उतरते समय बेनीपट्टी के सरिसब गांव के निवासी देबेंद्र झा उर्फ पंडितजी ने जोर-जोर से विरोध करना शुरू किया। विरोध को भांपते हुए मंत्री जल्द से जल्द कार्यक्रम स्थल पर से अपने समर्थकों के साथ अपनी गाड़ी में बैठकर चलते बने। एसडीएम एवं डीएसपी ने भी मंत्री को कार्यक्रम स्थल से विदा करने में तेजी दिखाई। हालांकि बाद में मंत्री का विरोध करने वाले व्यक्ति को भी समझा-बुझाकर कार्यक्रम स्थल से लोगों ने विदा कर दिया। मंत्री के विरोध का समर्थन जदयू के प्रखंड प्रवक्ता कालीशचंद्र झा कन्हैया, माकपा जिला कमेटी के सदस्य पवन कुमार भारती, बनकट्टा पंचायत के वरिष्ठ समाजसेवी विनय कुमार झा, डुमरा गांव के वरिष्ठ समाजसेवी सुनील कुमार झा, छात्र नेता चंदन सिंह आदि किया है।

महाकवि श्रृंगार रस व वीर रस के धनी विभूति थे। कवि, बहु विवाह, बेमेल विवाह सहित अनेकों गीतों को उन्होंने जन्म दिया। हमारी सभ्यता व संस्कृति के विधापति सिरमौर थे। ग्रियर्सन ने कहा था कि विधापति जैसा दूसरा विद्वान नहीं देखा। ग्रियर्सन ने विधापति के 80 मैथिली गीतों का अनुवाद अंग्रेजी में किया था। यूरोप के ब्रिटिश म्यूजियम में आज भी विधापति द्वारा लिखी गई पुस्तकें मौजूद हैं। मंत्री ने कहा कि बेनीपट्टी के युवा काफी उर्जावान हैं और दुनिया भर की संस्कृति पर खतरा देखते हुए हमें अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है। कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष ललित कुमार झा, शत्रुधन झा, डॉ. नवीन झा, कोषाध्यक्ष भाग्य नारायण झा, महासचिव संजीव चौधरी, मुख्य प्रवक्ता संतोष कुमार मिश्र, प्रो, मदन कुमार कर्ण, माकपा जिला कमेटी के सदस्य पवन कुमार भारती, रौशन कुमार मिश्र, नारायण जी झा आदि ने भाग लिया।

हमें अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है : मंत्री

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