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सरकारी अस्पतालों में दवा आपूर्ति करना बीएमएसआईसीएल के जिम्मे

2 वर्ष पहले
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जिले के सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में समय से दवा की आपूर्ति करना बीएमएसआईसीएल (बिहार चिकित्सा एवं आधारभूत संरचना निगम) सुनिश्चित करेगी। साथ ही अब आपूर्तिकर्ता का भुगतान भी समय से किया जाएगा। इन राशियों का उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी सिविल सर्जन की होगी। इस व्यवस्था के तहत सिविल सर्जन जिले के सरकारी अस्पतालों के लिए आवश्यकतानुसार इडीएल (एसेंसियल ड्रग लिस्ट) में निहित औषधियों व अन्य चिकित्सीय सामग्रियों की आपूर्ति के लिए बीएमएसआईसीएल के माध्यम से ऑनलाइन अधियाचना निर्गत करेंगे। निर्धारित शर्तो के अनुसार दवाओं व चिकित्सीय सामग्री की आपूर्ति बीएमएसआईसीएल करेगी। औषधि की आपूर्ति के लिए बीएमएसआईसीएल को समय से दवाओं व चिकित्सीय सामग्री की आपूर्ति होती रहे। इसके लिए आवश्यक है कि निगम को समय से भुगतान प्राप्त होता रहे।

प्रति मरीज 12 रुपए

दवा मद में 12 रुपए प्रति व्यक्ति की दर से सरकार द्वारा दवा आपूर्ति मद में बजट में प्रावधान किया जा रहा है। बाद में इसे 50 रुपए प्रति व्यक्ति करने का प्रयास किया जाएगा। बीएमएसआईसीएल द्वारा ईडीएल में अधिसूचित 310 प्रकार की दवाओं में 200 प्रकार की दवाओं का दर अनुबंध पूर्ण कर लिया गया है। जिला के बजट का आवंटन इस प्रकार किया जाएगा कि बीएमएसआईसीएल को मालूम रहे कि जिला के लिए कितनी राशि कर्णांकित है जिसके अंदर वे अपनी अधियाचना भेज सकते हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि राज्य क्रय संगठन के कारण जिले को अब जिले को समय से अधियाचना निर्गत नहीं किया जाता है। इंडेंट समय पर प्राप्त नहीं होने के कारण बीएमएसआईसीएल द्वारा अनुबंधित आपूर्तिकर्ताओं को समय से परचेज ऑर्डर निर्गत नहीं किया जाता है। जिला से स्वास्थ्य संस्थानों के लिए इंडेंटिंग प्रक्रिया का नियमतः पालन नहीं होने से जिला में दवा की आपूर्ति बाधित होती हैं व मरीजों को दी जाने वाली दवाएं उपलब्ध होने में कठिनाई होती है। इस कारण स्थानीय स्तर पर दवा लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में दवाओं के मानक स्तर का निर्धारण एवं दर में एकरूपता नहीं रह जाती है।

सदर अस्पताल में निबंधन कराते हज यात्री।

सदर अस्पताल में उमड़ी हज यात्रियों की भीड़
मधुबनी| सदर अस्पताल के सभागार में हज यात्रियों का टीकाकरण कैंप आयोजित किया गया। इस मौके पर काफी संख्या में मुस्लिम पुरुष व महिला हज यात्री टीकाकरण कराने कैंप में पहुंचे। सभी हज यात्रियों को बारी-बारी से मैनेनजाइटिस की सूई लगाई गई। इस कार्य में सदर अस्पताल के कई कर्मी व नर्स को भी लगाया गया था। 184 पुरुष व महिला हजयात्रियों का टीकाकरण करने के लिए निबंधन किया गया था, जिसके बाद टीकाकरण का काम शुरू किया गया। यूनिसेफ के एसएमसी प्रमोद कुमार भीड़ को व्यवस्थित करने व सूचारू रूप से टीकाकरण का काम कराने में व्यस्त नजर आए। भीड को लेकर सदर अस्पताल का सभागार छोटा पड़ गया। डीआईओ ऑफिस के बगल में व नशामुक्ति केंद्र के समीप महिलाओं के लिए अलग-अलग कैंप लगाए गए थे। हज यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए सिविल सर्जन डाॅ. मिथिलेश झा ने पूर्व में ही स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों को आदेश जारी कर दिया था।

भास्कर न्यूज| मधुबनी

जिले के सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में समय से दवा की आपूर्ति करना बीएमएसआईसीएल (बिहार चिकित्सा एवं आधारभूत संरचना निगम) सुनिश्चित करेगी। साथ ही अब आपूर्तिकर्ता का भुगतान भी समय से किया जाएगा। इन राशियों का उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी सिविल सर्जन की होगी। इस व्यवस्था के तहत सिविल सर्जन जिले के सरकारी अस्पतालों के लिए आवश्यकतानुसार इडीएल (एसेंसियल ड्रग लिस्ट) में निहित औषधियों व अन्य चिकित्सीय सामग्रियों की आपूर्ति के लिए बीएमएसआईसीएल के माध्यम से ऑनलाइन अधियाचना निर्गत करेंगे। निर्धारित शर्तो के अनुसार दवाओं व चिकित्सीय सामग्री की आपूर्ति बीएमएसआईसीएल करेगी। औषधि की आपूर्ति के लिए बीएमएसआईसीएल को समय से दवाओं व चिकित्सीय सामग्री की आपूर्ति होती रहे। इसके लिए आवश्यक है कि निगम को समय से भुगतान प्राप्त होता रहे।

प्रति मरीज 12 रुपए

दवा मद में 12 रुपए प्रति व्यक्ति की दर से सरकार द्वारा दवा आपूर्ति मद में बजट में प्रावधान किया जा रहा है। बाद में इसे 50 रुपए प्रति व्यक्ति करने का प्रयास किया जाएगा। बीएमएसआईसीएल द्वारा ईडीएल में अधिसूचित 310 प्रकार की दवाओं में 200 प्रकार की दवाओं का दर अनुबंध पूर्ण कर लिया गया है। जिला के बजट का आवंटन इस प्रकार किया जाएगा कि बीएमएसआईसीएल को मालूम रहे कि जिला के लिए कितनी राशि कर्णांकित है जिसके अंदर वे अपनी अधियाचना भेज सकते हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि राज्य क्रय संगठन के कारण जिले को अब जिले को समय से अधियाचना निर्गत नहीं किया जाता है। इंडेंट समय पर प्राप्त नहीं होने के कारण बीएमएसआईसीएल द्वारा अनुबंधित आपूर्तिकर्ताओं को समय से परचेज ऑर्डर निर्गत नहीं किया जाता है। जिला से स्वास्थ्य संस्थानों के लिए इंडेंटिंग प्रक्रिया का नियमतः पालन नहीं होने से जिला में दवा की आपूर्ति बाधित होती हैं व मरीजों को दी जाने वाली दवाएं उपलब्ध होने में कठिनाई होती है। इस कारण स्थानीय स्तर पर दवा लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में दवाओं के मानक स्तर का निर्धारण एवं दर में एकरूपता नहीं रह जाती है।

न्यूनतम दर पर मिलेगी दवा

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि बीएमएसआईसीएल के स्तर से गुणवत्तापूर्ण दवा, उपकरण आदि न्यूनतम दर पर मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार वित्त नियमावली के अंतर्गत राज्य क्रय संगठन नामित किया गया है। मालूम हो कि आए दिन सदर अस्पताल सहित कई अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवा की कमी हो जाती है। पर दवा आपूर्ति मद में जिले के सरकारी अस्पतालों में किए जाने वाले आवंटन की प्रक्रिया में परिवर्तन किए जाने से अब जिले में दवा सुगमता से सरकारी अस्पतालों में मिलेगी।

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