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तेज हवा और बारिश ने दलहन और गेहंू की फसल को किया प्रभावित

एक वर्ष पहले
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बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज हवा और बारिश ने दलहन और गेंहू की फसल को काफी प्रभावित किया है। बारिश की बूंदों के कारण फसलों की दाने टूट कर झड़ चुके हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी हुई बेमौसम बारिश के कारण किसान नुकसान की मार अबतक झेल रहे थे। फिर से मौसम का मिजाज बदलने से किसानों के माथे की शिकन बढ़ गई है। बारिश ने रबी की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। रबी की फसल में मुख्य रूप से गेहूं, दलहन और तिलहन होता है। गेहूं के अलावा मसूर, चना, मटर, सरसो, धनिया व रहरिया की फसलों में इसी मौसम में दाना भरते हैं। लेकिन खेतों में बारिश से फूल झड़ जाने से फल खोखला हो गया है। इसके अलावा खेत में पानी भरने से गेंहू की जड़ें कमजोर होकर और तेज हवा से सारी फसल जमीन पर गिर चुकी है।

फसल क्षति मुआवजे की घोषणा करें सरकार | बौरहर पंचायत के जिरौल गांव के किसान ललन यादव, शिवशंकर यादव, बलराम यादव, पवन यादव, सुधीर यादव, रामउदगार यादव,
अशोक यादव समेत दर्जनों किसानों का कहना है कि असल किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।

बिचौलिए किसानों का डकार जाते हैं। कृषि विभाग द्वारा इस बार मधुबनी के किसानों को फसल क्षति मुआवजे के लिए घोषित नहीं किया गया है। किसानों के लिए तमाम योजनाएं हैं लेकिन जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिलता है। करोड़ों रुपए की फसल बीमा योजना लागू होने के बाद भी किसानों की फसल सुरक्षा की गारंटी नहीं है। खरीफ की फसल प्रकृति की मार से प्रभावित होकर किसी तरह से घर आया तो पैक्स में धान खरीदने वाला कोई नहीं है। किसान बिचौलियों को औने-पौने भाव में बेच रहे हैं। वहीं अब रबी की फसल भी पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। बीएओ नौशाद अहमद ने बताया कि फसल क्षति के आकलन के लिए कृषि विभाग कार्य कर रही है। विभाग द्वारा ही किसानों की फसल क्षति की भरपाई की जाएगी।

हरलाखी में खेत में पसरी गेहूं की फसल।
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