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शिक्षकों को दिसंबर से ही नहीं दिया गया वेतन

एक वर्ष पहले
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फुलपरास | जिले के नियमित शिक्षकों के वेतन भुगतान में सरकारी असंवेदनशीलता की चर्चा करते हुए शिक्षकों एवं संघीय नेताओं ने नाराजगी प्रकट की है। ज्ञात हो कि राज्य में नियोजित शिक्षक विगत 17 मार्च से ही हड़ताल पर हैं। परंतु हड़ताल से अलग सरकारी कार्यों को करने वाले नियमित शिक्षकों को भी वेतन भुगतान के लाले पड़े हैं। दिसंबर से ही उन्हें वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इधर फरवरी में आयकर कटौती आदि का भी प्रावधान होता है। बड़ी संकट जानकार यह बता रहें हैं कि 31 मार्च से पहले तक अगर भुगतान नियमित नहीं होता है तो आयकर के हिसाब एवं भुगतान को लेकर अलग से परेशानी उत्पन्न होगी। नियमित वेतन एरियर हो जायेगा। सरकार शिक्षकों के साथ दोहरी नीति अपना रही है। वेतन के अभाव में उनकी होली भी फीकी रही। शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई लिखाई इसके कारण प्रभावित हो रही है। प्रतिपाल्यों के इलाज आदि में भी उनके समक्ष परेशानी बनी रहती है। संघीय नेताओं ने बताया है कि यह कहां का न्याय है। सभी विभागों में कर्मियों एवं अधिकारियों के वेतन भुगतान हेतु सरकार के पास पास निधि होता है परंतु शिक्षकों के वेतन भुगतान हेतु महीनों-महीनों आवंटन नहीं दिया जाता है।
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