कर्पूरी ठाकुर द्वारा बनाई गई पहली सड़क का अस्तित्व मिटने की कगार पर

Madhubani News - प्रखंड मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर बसे अलोला गांव के लोगों को प्रखंड कार्यालय तक पहुंचने के लिए 13...

Nov 11, 2019, 07:26 AM IST
प्रखंड मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर बसे अलोला गांव के लोगों को प्रखंड कार्यालय तक पहुंचने के लिए 13 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है। क्योंकि घोघरडीहा-हटनी मुख्यपथ से अलोला कामत टोल को जोड़ने वाली सड़क उपेक्षा के कारण पिछले 35 वर्षों से धीरे धीरे जर्जर होता चला गया और। करीब साढ़े तीन दशक पूर्व वर्ष 1987 में आयी प्रलयंकारी बाढ़ नेे घोघरडीहा-हटनी मुख्यपथ से अलोला को जोड़ने वाली उक्त तीन किलोमीटर लंबी सड़क को क्षत विक्षत कर दिया। जिसका पुनर्निर्माण आजतक नही हुआ। इन पैतीस वर्षों में न जाने कितनी सरकारें आईं और गई लेकिन किसी ने भी उक्त सड़क का पुनर्निर्माण कराने की जहमत नहीं उठाया।

करीब दो हज़ार आवादी वाला अलोला गांव के लोगों को प्रखंड मुख्यालय या बाजार तक सीधी पहुंच के लिए टूटी-फूटी सड़को के अलावा खेतों के मेड़ का ही सहारा है। वही दोपहिया अाैर चारपहिया वाहन से आने-जाने के लिए भेलबा करिहर से हटनी होते हुए तेरह किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने की विवशता होती है। जननायक कर्पूरी ठाकुर के करीबियों में से एक अलोला निवासी वयोवृद्ध समाजवादी नेता व जेपी सेनानी तृप्ति नारायण कामत बताते है कि वर्ष 1978 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर फुलपरास से विधायक निर्वाचित हुए थे तो अपने फण्ड से पहला काम इसी सड़क निर्माण का किया था। आगे उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में कुछ जमीन की बाधाओं को घोघरडीहा के स्वर्गीय भोला झा ने अपनी जमीन देकर दूर किया था। बता दें कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर राजनीति की ऊंचाइयों को छूने वाले कई राजनेता इसी क्षेत्र से हुए जहां कर्पूरी जी द्वारा बनाये गए उक्त पहली सड़क की अस्तित्व अब समाप्ति के कगार पर है।

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