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जिले में इंसेफ्लाइटिस के 14 मरीज चिह्नित, पकड़ीदयाल में एक मरीज की मौत, एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी सेविकाएं अलर्ट पर

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:10 AM IST

Motihari News - जिले में इंसेफ्लाइटिस (एईएस) के 14 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इसमें पकड़ीदयाल के एक मरीज की मौत हो गई है। डीएम रमण कुमार...

Motihari News - 14 patients of the insefitis were identified in the district a patient died in pichadi dyal anm asha and anganwadi workers on alert
जिले में इंसेफ्लाइटिस (एईएस) के 14 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इसमें पकड़ीदयाल के एक मरीज की मौत हो गई है। डीएम रमण कुमार ने इस मामले में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिलावासियों को सतर्क रहने की सलाह दी। एईएस बीमारी रोकने में आशा, आंगनबाड़ी सेविका व एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही जनजागरूकता की आवश्यकता है।

डीएम ने इस मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान रखने का सुझाव दिया। डीएम ने कहा कि अक्सर एईएस बीमारी के लक्षण अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से लेकर जून माह के अंतिम सप्ताह तक रहता है। बरसात के आगमन के साथ ही इस बीमारी के लक्षण समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने खासकर बच्चों को अधपका लीची नहीं खिलाने तथा भरपेट लीची खाने से बिल्कुल परहेज रखने की हिदायत दी। उन्होंने वैसे बच्चे जो लीची खाने के बाद बिना भरपेट भोजन किए सो जाते हैं, वैसे बच्चों पर भी विशेष नजर रखने की सलाह दी है। डीएम ने धूप में खेलने वाले बच्चों में भी इस बीमारी के लक्षण होने की बात कही तथा इससे बचाव के सुझाव दिए।

उन्होंने बताया कि बच्चों में एईएस की पहचान व तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजा पानी से पोछना चाहिए। पंखा से हवा करना चाहिए। साथ ही बच्चों को उम्र के हिसाब से पेरासिटामोल की गोली देनी चाहिए। बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं। उन्होंने बेहोशी तथा मिर्गी की अवस्था में बच्चे को हवादार स्थान पर रखने, बच्चे के शरीर को पूरी तरह खुला रखने, छायादार जगह सुलाने, गर्दन सीधा रखने आदि की सलाह दी। बीमारी का लक्षण होते ही तुरंत एएनएम को जानकारी दें। वहीं संबंधित पंचायत के मुखिया पंचायतों के परिवार में जन जागरूकता फैलाएं। ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

डीएम रमण कुमार ने भरपेट लीची व अधपकी लीची नहीं खाने की दी सलाह

सदर अस्पताल के पीकू वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम रमण कुमार।

सदर अस्पताल में एईएस से निपटने के लिए बनाए गए पीकू वार्ड की स्थिति में हुआ सुधार, ऑक्सीजन पाइपलाइन लगाने की प्रक्रिया शुरू

मोतिहारी | एईएस जैसी प्राण घातक बीमारी से लड़ने के लिए सदर अस्पताल में बनाए गए पेडिएट्रिक आईसीयू की स्थिति गुरुवार को कुछ बेहतर दिखी। पीकू वार्ड के सभी बेडों को करीने से सजा दिया गया था। सभी बेडों पर पीले रंग की चादर बिछा दी गई थी। वार्ड में हीं एक टेबल भी लगाया गया है। इसके नजदीक नर्सिंग स्कूल की छात्राएं बैठी नजर आई। वार्ड के जर्जर पंखों को या तो बदल दिया गया था या फिर उसे दुरुस्त करा दिया गया था। सभी बेड के नजदीक पावर प्लग भी लगा दिया गया है। लेकिन, अभी भी ऑक्सीजन पाइपलाइन व एसी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जीवन रक्षक उपकरणों को भी इंस्टॉल किया जा रहा है।

सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक, और डीपीएम की डीएम ने ली क्लास

मेहसी | डीएम रमन कुमार ने गुरुवार की शाम सदर अस्पताल स्थित एईएस मरीजों के लिए खोले गए पेडिएट्रिक आईसीयू का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने पेडिएट्रिक आइसीयू की व्यवस्था को लेकर सीएस डॉ बीके सिंह, सदर अस्पताल अधीक्षक डॉ केएन गुप्ता व डीपीएम अमित अचल की जम कर क्लास लगाई। कहा कि जब दो महीने पहले सभी उपकरण उपलब्ध हो गए थे तो अब तक उसे इंस्टॉल क्यों नहीं किया गया। ऑक्सीजन पाइप लाइन की व्यवस्था क्यों नही हुई। सदर अस्पताल में पेडिएट्रिक आईसीयू है इसकी जानकारी के लिए होर्डिंग बैनर क्यों नही लगाया गया है। लोगों को जागरूक करने के लिए अभी तक कोई व्यवस्था क्यों नहीं हुई।

भास्कर में छपी खबर का हुआ असर

दैनिक भास्कर में 12 जून के अंक में “सदर अस्पताल में बच्चों के आईसीयू में पाइपलाइन से नहीं है ऑक्सीजन की सप्लाई, एसकेएमसीएच ही सिर्फ सहारा’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से छपी थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की तंद्रा टूटी और आनन-फानन में पीकू वार्ड को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हुई।

6 एएनएम और 51 आशा सेवा बर्खास्त की जाएंगी

सिटी रिपोर्टर | मोतिहारी

जेई व एईएस को लेकर डीएम रमण कुमार ने मेहसी पीएचसी में बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। पीएचसी की तैयारियों से डीएम संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने बैठक से अनुपस्थित रहे 6 एएनएम व 51 आशा कार्यकर्ताओं को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया।डीएम रमण कुमार ने मेहसी पीएचसी प्रभारी को पूरे प्रखंड क्षेत्र में पंपलेट बंटवाने व माइक से प्रचार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रचार रथ पीएचसी से रवाना करें। इसके माध्यम से प्रचार कर लोगों को इस बीमारी के बारे में सचेत कराया जाय। दिखाए कड़े तेवर डीएम रमण कुमार ने कहा कि क्या जितना बड़ा भवन और संसाधन मेहसी पीएचसी का है, उतना यहां के किसी प्राइवेट क्लीनिक का है क्या? बावजूद इसके इस तरह की बीमारी से प्रभावित बच्चों के परिजन इलाज के लिए निजी क्लीनिक में ले जा रहे हैं। यह आपकी गुणवत्ता व कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह है। मैं इसे कतई बर्दाश्त नही करूंगा। मस्तिष्क ज्वर को लेकर सरकार ने पीएचसी में एक अलग वार्ड भी खोला है। परंतु प्रचार नहीं होने से लोगों में इसकी जानकारी नहीं है। डीएम ने बैठक से अनुपस्थित रहे एएनएम गीता कुमारी, माधुरी कुमारी, कुमारी विमल देवी, गिरजा कुमारी, पूनम द्विवेदी व आशा कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश सिविल सर्जन बी.के.सिंह को दिया। एक अनुपस्थित रही एएनएम आशा कुमारी ने मेहसी ब्लॉक पहुच डीएम से भेंट कर कहा कि सर सलेमपुर से आने में देर हो गया। जिसपर डीएम ने उन्हें कड़ी फटकार लगा सुधरने का एक मौका दिया। वहीं 51 अनुपस्थित आशा कार्यकर्ताओं का बर्खास्त करने का आदेश डीएम ने दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ बच्चें इस गंभीर बीमारी से मर रहे हैं वही दूसरी तरफ कर्मी मौज करें यह मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।

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