2 विदेशी पर्यटकाें काे रक्सौल में नेपाल जाने से रोका गया
विश्व महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस के नियंत्रण हेतु भारत नेपाल सरकार द्वारा एक-दूसरे देश में जानेवाले विदेशी नागरिकों का वीजा रद्द करने के बाद रक्सौल वीरगंज सीमा सहित भारत-नेपाल के सभी सीमा के रास्ते केवल नेपाली और भारतीय लोगों का आवागमन जारी है। अन्य देशों के नागरिकों का प्रवेश वर्जित होने के बाद भी शनिवार की सुबह भारत से नेपाल जाने के क्रम में चेक गणराज्य के दो नागरिक हेवलिक मार्टिन और फेवलिकावा जीतिका नामक दो विदेशी नागरिकों को आव्रजन अधिकारियों ने अपने नियंत्रण में ले लिया और जांच की। रिपोर्ट पोजेटिव नहीं पाए जाने पर नेपाल नहीं जाने दिया। उन्हें पुनः भारत में ही वापस कर दिया गया। उक्त दोनों विदेशी नागरिक पिछले 3 मार्च को दिल्ली से आए थे।
उसके बाद जयपुर, अमृतसर, उड़ीसा, बनारस और आगरा का भ्रमण करते हुए नेपाल जाने के लिए शनिवार को रक्सौल पहुंचे। ये दोनों पर्यटक हैं। इनके पास वीजा और पासपोर्ट दोनों था फिर भी सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के कारण इन्हें नेपाल नहीं जाने दिया गया। इसकी जानकारी देते हुए आव्रजन पदाधिकारी ए के पंकज ने बताया कि इस सीमा के रास्ते केवल नेपाल और भूटान के ही नागरिकों का आवागमन हो सकता है बाकी अन्य देशों के नागरिकों के आवगमन पर सरकारी रोक है।
नेपाल से आने वाले लोगों की जांच की
आव्रजन कार्यालय में तैनात चिकित्सकों द्वारा नेपाल से भी आनेवाले लोगों की नियमित जांच की जा रही है। शनिवार को एक बजे आव्रजन कार्यालय पहुंचने पर वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकिसक डाॅ. सी बी सिंह और डाॅ. मुराद आलम उपस्थित थे। दोनों डॉक्टरों ने बताया कि अबतक कुल 240 लोगों की जांच की गई। लेकिन एक भी पोजेटिव नहीं मिला। वहीं, आईसीपी गेट के पास काउंटर पर प्राथमिक स्वास्थ्य के चिकित्सक डाॅ. त्रिपुरारी नाथ तिवारी इन्फ्रेड थर्मामीटर लेकर बैठे थे। बताया कि 133 ट्रक चालक व खलासियों की स्क्रीनिंग हुई है जिनमें किसी काे पोजेटिव नहीं पाया गया।
विदेशी नागरिकों को जांच करते डॉक्टर।