प्रखंड की 3 प्रमुख सड़कें वर्षों से जर्जर, विकास व व्यवसाय हो रही प्रभावित

Motihari News - ओंकार नाथ तिवारी|संग्रामपुर संग्रामपुर प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना, गली-नली योजना और केंद्र...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 05:10 AM IST
Sangrampur News - 3 major roads of the block have been affected due to shabby development and business over the years
ओंकार नाथ तिवारी|संग्रामपुर

संग्रामपुर प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना, गली-नली योजना और केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री पथ निर्माण योजना के तहत अधिकतर सड़कें काली और पक्की हो गई। लेकिन विकास के इस कड़ी में भी तीन महत्वपूर्ण सड़कों का उद्धार नहीं हो पाया। जिनसे आमलोगों का जीवन परिवार की तरह जुड़ा है। इनका निर्माण नहीं होने के कारण प्रखंड की आधी से अधिक आबादी प्रभावित होकर विकास की होड़ में पिछड़ गई है। ऐसा नहीं कि इनके जीर्णोद्धार के लिए किसी ने पहल नहीं की। पहल के बाद भी विभाग के अड़ियल रवैया व पेचीदा नियम व कानून इसके निर्माण में रोड़ा बन गया। जिससे जनप्रतिनिधि सहित आमलोग काफी क्षुब्ध हैं। आनेवाले चुनाव में प्रत्याशियों को इनसे प्रभावित आमलोगों के प्रश्नों का सामना करना कठिन होगा। बीडीओ बलवंत कुमार पांडेय ने बताया कि वरीय अधिकारियों के संज्ञान में लाकर सड़क बनवाने के लिए सार्थक पहल की जाएगी।

संग्रामपुर अरेराज सड़क का निर्माण कार्य बीच में ही अटका

उपेक्षित सड़कों में सबसे महत्वपूर्ण है संग्रामपुर से इंद्रगाछी,बरईटोला, बिनवलिया होते हुए अरेराज मेला चौक तक जानेवाली ग्यारह लम्बी सड़क जो लोगो के लिए बेतिया और रक्सौल तक जाने का मुख्य मार्ग था।लेकिन विगत दस वर्षों से यह भी जीर्ण शीर्ण होकर बदहाल हो गया।विगत वर्ष 2017 में संवेदक निखिल सिंह की कम्पनी को इसके जीर्णोद्धार का जिम्मा आरईओ के द्वारा दिया गया।लगभग पांच करोड़ प्राक्कलन की लागत से मरम्मत की जानेवाली सड़क का काम तेजी से शुरू हुआ।जिसमें लगभग एक करोड़ की राशि भी निकासी की गई।लेकिन मात्र टुकड़ों में आधा किमी सड़क की ढलाई हुई और काम बंद हो गया।उसके बाद से आजतक काम बन्द ही है।केसरिया और गोविंदगंज दोनों विधानसभा को जोड़नेवाली मुख्य सड़क भी लोगों के लिए गरमा गरम चुनावी मुद्दा बना हुआ है।

मंगलापुर से कोटवा जानेवाली सड़क बेहाल

मंगलापुर से होते हुए सिकंदरपुर, बरवा, भटकार्या, राजपुर सहित दर्जनों महत्वपूर्ण गांवों को जोड़ते हुए कोटवा जाने वाली सड़क की स्थिति तो और भी बेहाल है। इस सड़क का चार वर्ष पूर्व एवरेस्ट कंपनी ने मरम्मत कराया था। लेकिन लूट खसोट के कारण गुणवत्ता का अभाव रहा और मरम्मत के छह माह के बाद ही यह ध्वस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गई। इस सड़क के कारण लगभग पचास हजार की आबादी विकास से वंचित होकर यहां के लोग लगातार बेरोजगारी का शिकार होते जा रहे हैं।

भवानीपुर सड़क है लाइफ-लाइन

वर्षों से उपेक्षित इन सड़कों में पहला नंबर आता है भवानीपुर से धनगड़हा तक एनएच 28 को जोड़नेवाली छह किमी लंबी सड़क का। यह सड़क विगत दस वर्षों से जर्जर होकर गड्ढा में तब्दील हो गई है। हर एक-दो फीट पर बना बड़ा-बड़ा गड्ढा इसकी पहचान बन गया है। यह सड़क पूरब और पश्चिम के लोगों के लिए लाइफलाइन है। इसके जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। लेकिन परिणाम आज तक शून्य है। समाजसेवी पंकज दुबे ने बताया कि स्थानीय विधायक के द्वारा इसके जीर्णोद्धार के लिए कई बार पहल किया गया। लेकिन अब तक कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। यह सड़क भवानीपुर, ठीकहां, संग्रामपुर, पकड़ी सहित कई गांवों के लोगों का व्यवसायिक मार्ग भी है। जिसके सहारे व्यवसायी महत्वपूर्ण शहरों तक जाकर व्यवसाय करते हैं। लेकिन आज उनका व्यवसाय लगभग चौपट स्थिति में है।

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