पानी के तेज बहाव में टूट गई हरबोेलवा गांव की पुलिया, मुख्यालय से टूटा संपर्क, बढ़ी परेशानी

Motihari News - चिरैया-गंगापीपर से शिकारगंज जाने वाली सड़क पर हरबोलवा गांव के पास पानी के तेज बहाव से पुलिया बह गया। जिस कारण...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:10 AM IST
Sikrhna News - broken bridge in harboelwa village broken contact with headquarters increased trouble
चिरैया-गंगापीपर से शिकारगंज जाने वाली सड़क पर हरबोलवा गांव के पास पानी के तेज बहाव से पुलिया बह गया। जिस कारण शिकारगंज समेत करीब दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वही सरौगढ़ और सरसावा गांव के बीच बना पुलिया भी ध्वस्त हो गया है। सरसावा गांव का प्रखंड मुख्यालय सहित अन्य गांवों से सड़क संपर्क टूट गया है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। जबकि गंगापीपर-बाराजयराम पथ में मधुबनी गांव के पास सड़क पर सिझुआ नदी का पानी चढ़ गया है। चिरैया थाना और खादी भंडार सहित बरैठा, खड़तरी, पिंडारी, पटजिलवा, त्रिभुआन, अकौना, खाप, महुआही, गोढ़ीया, कटकुइया, माधोपुर, जयपाल टोला, सपगढ़ा, भेड़ियाही आदि दर्जन भर गांवों में पानी घुस गया है। इधर, सिकरहना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। भारी वर्षा से मीरपुर गांव निवासी पुण्यदेव राय, पटजिलवा निवासी सुकदेव पासवान का घर गिर गया है। सीओ सचिंद्र कुमार ने कहा कि अहिरौलिया, मोहद्दीपुर और मोतनाजे गांव में जेसीबी से बंद पड़े नाले की उड़ाही कर जल निकासी कराई गई। चिरैया ब्लॉक रोड में रघुनाथ किराना दुकान के समीप पक्की सड़क को काट कर घर में घुसे पानी को निकाला गया।

छौड़ादानो में बाढ़ से तीयर नदी पर गोला पकरिया में बना लोहे का जर्जर पुल ध्वस्त होने के कगार पर

छौड़ादानो | प्रखंड में तीयर नदी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। नेपाल में हो रही लगातार बारिश से तीयर नदी का बढ़ा जलस्तर विंध्यवासिनी व धर्मनगर अनुसूचित बस्ती को अपने चपेट में ले लिया है। बाढ़ का पानी प्रवेश करने की वजह से विंध्वासिनी गांव के करीब 50-55 परिवार एक सरकारी गोदाम में शरण लिए हुए हैं। जबकि, धर्मनगर मुहल्ला के लोगों का आश्रम स्थल पिछले दो दिन से गांव का एक प्राथमिक विद्यालय बना हुआ है। मुखिया बिंदू देवी द्वारा पीड़ित लोगों के बीच गुड़ व चूड़ा का वितरण का दौर जारी है। इधर, पसाह नदी का जलस्तर में वृद्धि देखने को मिली है। प्रखंड के पुरैनिया पंचायत, भवानीपुर, महुआवा, लोहडिया आदि क्षेत्रों के सड़क पर बाढ़ का पानी तीन फीट ऊपर बह रहा है। दर्जन घरों में पानी प्रवेश कर गया है। बताया जाता है कि बनकटवा प्रखंड के गोला पकड़िया गांव के समीप तीयर नदी पर बना लोहे का पुल ध्वस्त की संभावना जताई जा रही। पानी का दबाव अधिक होने की वजह से मुख्य सड़क टूटने के कगार पर है। पानी का दबाव बढ़ने की वजह से पुल में होल बनने लगा है। जीतना थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा गांव में कृषि योग्य भूमि के कटाव का खतरा मंडरा रहा है। प्रखंड के भतनहिया पंचायत के भतनहिया, बथुहइया, परसा पकरिया, परसा पथान पट्‌टी के लगभग ढ़ाई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं जीतपुर पंचायत के जीतपुर मठिया सड़क पर तीन से चार फीट पानी बह रहा।


चिरैया-शिकारगंज रोड में पुलिया को तोड़ निकलता बाढ़ का पानी।

लालबकेया नदी का पानी 3 फीट और बढ़ा तो लांघ जाएगी बांध की सीमा

सिटी रिपोर्टर | मोतिहारी

नेपाल के तराई क्षेत्र में पिछले सप्ताहभर से लगातार जारी बारिश से पूर्वी चंपारण में बाढ़ का संकट गहरा गया है। लालबकेया, गंडक, सिकरहना, बागमती सहित विभिन्न नदियां उफान पर है। लालबकेया नदी का बढ़ा जलस्तर हाइएस्ट डेंजर लेवर को पार गया है। तीन फीट और पानी बढ़ा, तो बांध की सीमा को लांघ जाएगा। जल निस्सरण सह बाढ़ नियंत्रण, सिचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लालबकेया नदी हाइएस्ट फ्लड लेवल(एचएफएल) से छह सेमी ऊपर बह रहा। स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। महमदपुर पताही, सपही, गुअाबारी आदि क्षेत्रों में लालबकेया नदी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। प्रभावित क्षेत्र के लोग तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। इधर, गंडक में बाढ़ का संकट गहरा गया है। हालांकि, विभाग का दावा है कि स्थिति अब भी नियंत्रण में है। शनिवार को वाल्मीकिनगर बराज से करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अधीक्षण अभियंता कार्यालय फ्लड सेल से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल गंडक में 353.40 फीट पानी बह रहा है। पानी 362.00 फीट से अधिक बढ़ा तो बाढ़ का संकट गहरा जाएगा। सिकरहना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी जगह-जगह कटाव भी कर रही है। विभाग के अधीक्षण अभियंता जफर रशीद खान ने बताया कि लालबकेया नदी अधिकतम जलस्तर से छह सेमी ऊपर बह रहा है। तीन फीट और पानी बढ़ा तो, बांध को क्रास कर जाएगा। गंडक में करीब 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सिकरहना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। स्थिति को नियंत्रण करने के लिए अधिकारियों को कैंप करने का निर्देश दिया गया है।

भुतहा पोखर पर बना ब्रिटिशकालीन पुलिया टूटा आवागमन हुआ बाधित

मेहसी| मेहसी छपरा गोविंद, मदारीचक सहित कई गांवों को हाइवे से जोड़ने वाली सड़क पर बना पुलिया ध्वस्त हो पानी में समा गया। इस पुलिया के ध्वस्त होने से सड़क का संपर्क भंग हो गया है। अब लोगों को चौक बाजार के रास्ते होकर स्टेशन, बस स्टैंड, प्रखंड सहित अस्पताल, बाजार आदि जगहों पर जाना होगा। छपरा गोविंद निवासी छठू राम ने बताया कि यह पुलिया ब्रिटिश काल का बना हुआ था। इस संदर्भ में नगर पंचायत के जेई विनीत नीरव ने बताया कि यह सड़क वार्ड 06 और वार्ड 14 का सीमांकन है। फिलहाल इस सड़क को बैरिकेडिंग लगा बंद कर दिया गया है। पानी का लेवल कम होने पर स्थायी निदान किया जाएगा।

बंजरिया प्रखंड के घाेरमरवा में दुधाैरा नदी का बांध टूटने से निकलता पानी।

घोरमरवा में टूटा दुधौरा नदी का बांध निचले इलाकों के घरों में घुसा पानी

भास्कर न्यूज | बंजरिया

फुलवार पंचायत के घोरमरवा में शनिवार को दुधौरा नदी का बांध टूट गया। जिसके कारण फुलवार उतरी पंचायत के घोरमरवा महादलित टोला, बिनटोली, महादलित टोला व बड़का टोला में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल पानी आसपार के निचले क्षेत्र के घर में घुसा है। नदी का पानी खेत में प्रवेश कर रहा है।

सूचना पर पहुंचे सीओ मणि कुमार वर्मा व मनरेगा पीओ संजीव कुमार तत्काल बांध को बंधवाने में लग गए। बांध टूटने की सूचना मिलने पर सदर एसडीओ प्रियरंजन राजू ने जल निस्सरण विभाग के कार्यपालक अभियंता रणबीर प्रसाद से बात कर तत्काल बांध को बांधने का निर्देश दिया। जबकि जल निस्सरण विभाग के सहायक अभियंता मिथिलेश कुमार व कनीय अभियंता संजय कुमार 2 भी घोरमरवा पहुंच कर बांध को बांधने का प्रयास करने लगे। वही वार्ड सदस्य उमेश यादव, ग्रामीण कमलेश कुमार, सन्देश यादव, सुनील यादव, ललन यादव, संदीप यादव, रितेश कुमार, मुकेश कुमार, विकास कुमार, देवराज कुमार ने बताया कि विभाग की लापरवाही से बांध टूटा है। विभाग के कनीय अभियंता कई दिनों से यहां बोरी में मिट्टी भरवा रहे थे। कई दिनों से हो रही बारिश से बांध जर्जर हो चुका था। अभियंता उसके टूटने का इंतजार कर रहे थे। वे बांध की मरम्मत नहीं कराए। नदी का पानी फैलने से बांध से सटे निचले इलाके वाले घरों में पानी घुस चुका है।

बताते चलंे कि गत वर्ष भी इसी जगह बांध टूटा था। जिसे विभाग द्वारा बांधा गया था। इस साल भी उसी जगह बांध का टूटना विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष टूटे बांध को बोरी भरी मिट्टी व बालू से बांधा गया था। उसके बाद विभाग का कोई भी अधिकारी आकर उसका निरीक्षण नहीं किया।

बाढ़ का प्रकोप

भारी वर्षा से मीरपुर गांव निवासी पुण्यदेव राय, पटजिलवा निवासी सुकदेव पासवान का घर गिर गया

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