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कोरोना : नेपाल से आने वाले यात्रियों व गाड़ियों के ड्राइवर की हो रही जांच
कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह चिंता का विषय है। इससे बचने के लिए सभी को जागरूक रहना होगा। उक्त बातें रक्सौल के अधिकारियों के साथ आईसीपी में बैठक के दौरान डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने कही। स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले यात्रियों व मालवाहक गाड़ियों के ड्राइवर की जांच का लिया जायजा। उसके बाद कोरोना के प्रति लोगो में जागरूक करने को दिया निर्देश। सिविल सर्जन रिजवान अहमद ने डीएम को बताया कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता के लिए ग्राम सभा लगाई जा रही है। जिसके तहत प्रखंड के 13 ग्राम में जागरूकता शिविर लगाई गई है। डीएम ने बीडीओ व पीएचसी प्रभारी को निर्देश दिया कि प्रखंड के सभी गांवो में कोरोना से कैसे बचाव हो सकता है, इसके लिए लोगो को जागरूक करें। जगह जगह पोस्टर लगवाए। सिविल सर्जन रिजवान अहमद ने बताया कि दो हेल्थ डेस्क बनाये गए है। एक मैत्री पूल के पास यात्रियों की इमिग्रेशन पर जांच की जाती है व दूसरा आईसीपी में नेपाल से मालवाहक के ड्राइवर व खलासी की जांच की जाती है। डीएम ने निर्देश दिया कि जांच करने में वोलेंटियर की संख्या बढ़ाये। इसमे आशा व विकासमित्र को भी शामिल करें ताकि नेपाल से आनेवाले अधिकांश यात्रियों की स्क्रीनिंग हो सके।
आईसीपी बाईपास रोड में नप द्वारा कूड़ा-कचरा डालने से लोगों में कोरोना फैलने का डर व्याप्त
रक्सौल | एक तरफ कोरोना वायरस का खौफ व्याप्त है। वही दूसरी तरफ आईसीपी बाईपास रोड के दोनों किनारे शहर का पुरा कुड़ा कचरा डम्पिंग करने पर इसके दुर्गंध से इस सड़क से आवागमन करने वाले मालवाहक चालकों व अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा है। नगर परिषद कभी सरिसवा नदी में कूड़ा डालता है तो कभी बाईपास सड़क तो कभी मुख्य पथ पर। कचरा डंपिंग स्थल पर कचरा नही गिराकर यत्र तत्र डालने से देशी विदेशी पर्यटकों सहित आम आवामों को नाक पर रुमाल रख कर सफर तय करने की विवशता है। बाईपास रोड पर कौड़ीहार चौक से आगे तक लगभग एक किलोमीटर के दूरी तक सड़क के दोनों किनारे फैला है कूड़ा कचरा। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद के ट्रैक्टर से प्रतिदिन पुरे शहर का कूड़ा कचरा लाकर यहां गिराया जा रहा है। जिस कारण आस पास के लोगों सहित इस सड़क से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। तेज हवा चलने पर इसका दुर्गंध आस पास के इलाकों में फैल रहा है। जिससे कोरोना होने का खतरा बढ़ गया है। जिसके लेकर हमलोग भयभीत है।
नप अाैर अनुमंडल पदाधिकारी काे साैंपा गया ज्ञापन
समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय संघ संस्था और आम आवाम द्वारा नगर परिषद और अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन पत्र सौंपा गया। बावजूद इसके अबतक इस समस्या का समाधान नही हुआ। यहां तक कि स्वच्छ रक्सौल के द्वारा कई बार नप प्रशासन और एसडीएम रक्सौल को ज्ञापन देकर डंपिंग स्थल पर ही कूड़ा कचरा फेंकने का आग्रह किया था। ताकि परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने 15 रोज तक आमरण अनशन भी किया था। नप प्रशासन व अन्य अधिकारियों तथा स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रंजीत सिंह के बीच समझौता हुआ था। इसमें समाधान का आश्वासन दिया गया था। बावजूद समाधान नहीं हुआ।
स्वास्थ्य टीम एसएसबी के जवानों को प्रशिक्षण दे व उनको जांच यंत्र देकर उनसे भी सुदूर इलाकों वाले बॉडर पर जांच कराए। ताकि अधिकतर लोगों की जांच हो सके। कस्टम के अधिकारी बीके मिश्रा ने रेलवे यार्ड से कस्टम तक कि जर्जर सड़क के बारे में डीएम को बताया तो डीएम ने बोला कि जल्द ही उक्त सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। उसके बाद डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने भारत नेपाल के बॉर्डर का निरीक्षण किया। उक्त बैठक में वाणिज्य दूतावास से कॉन्सुलेट जेनरल नितेश कुमार,कस्टम आयुक्त आशुतोष कुमार, एसडीएम अमित कुमार, डीएसपी संजय झा, कमांडेंट प्रियवर्त शर्मा, डीसीएलआर मनीष कुमार, बीडीओ कुमार प्रशांत आदि अधिकारी मौजूद थे।
एसएसबी जवानों को प्रशिक्षण देने को कहा
} जुखाम या फ्लू के मरीज के संपर्क में आने से बचें।
डीएम बोले-डंकन हॉस्पिटल में बनाया गया है आइसोलेशन
डीएम ने कहा कि रक्सौल के डंकन हॉस्पिटल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है जहां पर शक होने पर मरीजों को रखा जाना है। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसे तुरंत रेफर करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी 3 थर्मामीटर है 15 कि मांग की गई है। सभी टीम के पास थर्मल थर्मामीटर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि पूर्वी चंपारण में अभी एक भी कोरोना का मरीज नही मिला है। स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा कि आपलोग बॉर्डर पर तैनात एसएसबी व अन्य सुरक्षा एजेंसीयों से मदद ले सकते है। बॉर्डर से सटे कई ऐसे जगह है जहाँ से नेपाल से भारत मे लोग प्रवेश करते है इस लिए वहा भी जांच टीम गठन करना जरूरी है।
} मिलते समय हाथ मिलाने या शरीर के संपर्क में आने से बचें।
ऐसे फैलता है यह वायरस
मुजफ्फरपुर, शुक्रवार 13 मार्च, 2020 | 14
सामान्य लक्षण
} बुखार आना
} 2 से 7 दिन बाद सूखी खांसी होना
} सांस लेने में तकलीफ महसूस करना
} पेट दर्द या गैस जैसी समस्या होना
} दस्त लगना/शरीर में दर्द महसूस होना
गंभीर लक्षण
} तेज बुखार या न्यूमोनिया
} किडनी फेल होना।
} खांसी या छींक के समय टिशु पेपर से नाक व मुंह ढकें। बाद में इसे तुरंत कवर्ड डस्टबिन में फैंक दें।
ऐसे बचाव करें
नप द्वारा आईसीपी बाईपास रोड के किनारे डंप किया गया कचरा।
बॉर्डर का निरीक्षण करते डीएम व अन्य अधिकारीगण।
} बीमारी के लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिले और जांच करवाएं।
} मुंह, नाक और आंख को छूने से बचें।
मरीज के शरीर के संपर्क में आने से।
वायरस से ग्रसित मरीज के खांसी या छींक के संपर्क में आने से।
} साबुन से
नियमित हाथ
धोएं। सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।