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लालबकेया नदी के महमदपुर तटबंध से पानी का रिसाव रोकने कंधे पर बालू का बोरा उठाकर चल पड़े डीएम

Motihari News - भास्कर न्यूज | सिकरहना/पताही नेपाल से आ रहे पानी से लालबकेया व बागमती नदी के पश्चिमी तटबंध पर कई जगहों पर अत्यधिक...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:10 AM IST
Sikrhna News - dm walking with sand sack on the shoulder to prevent leakage of water from the mahmudpur embankment of lalbakeya river
भास्कर न्यूज | सिकरहना/पताही

नेपाल से आ रहे पानी से लालबकेया व बागमती नदी के पश्चिमी तटबंध पर कई जगहों पर अत्यधिक जल दबाव बना हुआ है। शनिवार की सुबह से ही सपही, झिटकाही, महम्मदपुर व खोड़ीपाकड़ सहित कई जगहों पर बांध से मोटा रिसाव होने लगा। रिसाव देख ग्रामीण उसे बंद करने का प्रयास करने लगे। लेकिन रिसाव बंद नहीं हुआ। सूचना पर डीएम रमण कुमार अधिकारियों के साथ बांध पर पहुंच स्थिति की समीक्षा की। डीएम के पहुंचने से लेकर शाम तक ड्रेनेज विभाग के अधिकारी व सुरक्षा सामग्री का कोई अतापता नहीं था।

बांध को सुरक्षित बताने का दावा करने वाले जल निस्सरण विभाग के अधिकारियों का दावा पूर्णतः खोखला दिखा। डीएम मोबाइल पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते दिखे। महम्मदपुर बांध पर मो सरवर के घर के पास तीन जगहों पर मोटा रिसाव हो रहा था। वहां गांव के लोग अपने स्तर से रिसाव को बंद करने में जुटे हुए थे। डीएम ग्रामीणों के घर से खाली बोरा व कुदाल मंगाकर खुद बाढ़ निरोधी कार्य करने लगे। उन्हें काम करता देख ग्रामीण भी साथ देने लगे। इसके बाद गांव के बच्चे बूढ़े सभी बांध को बचाने के काम में लग गए। वहां रिसाव को रोक दिया गया। हालांकि, बोरी कम पड़ गई।

पानी के दबाव से बांध टूटने का मंडराने लगा खतरा, जल निस्सरण विभाग के अधिकारियों का दावा पूर्णतः खोखला

महमदपुर में बांध का रिसाव को बंद करने के लिए बालू भरा बोरा लादकर ले जाते डीएम रमण कुमार।

लगातार हो रही झमाझम बारिश से दोनों

नदियों के जलस्तर में हुआ काफी इजाफा

लगातार हो रही झमाझम बारिश से दोनों नदियों के जलस्तर में काफी इजाफा हुआ है। सुबह होते ही नदी के बाढ़ का पानी देवापुर, जिहुली एवं पदुमकेर गांव में फैल गया। जिहुली व पदुमकेर दोनों गांव के अंदर लोगों के घरों के खिड़की से होकर 4 से 5 फीट पानी तेज गति से बह रहा था। दोपहर 1 बजे के बाद पताही-सुगापीपर मेन रोड पर आधा दर्जन जगहों पर 2 से 5 फीट बाढ़ का पानी सड़क से उछलकर तेज बह रहा था।

बांध की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश


असामाजिक तत्वों ने तोड़ा बथना पुल, दो गांव में तनाव

बंजरिया| सिसवा पूर्वी पंचायत के बथना वार्ड 9 व 10 में कुंआरी देवी- लोकनाथपुर मुख्य पथ पर बने पुल को शनिवार को असमाजिक तत्वों ने तोड़ डाला। टूटे पुल को देख बथना के लोग सुरहा के ग्रामीणों के खिलाफ गोलबंद होने लगे। सूचना पर पहुंचे स्थानीय पंचायत समिति सदस्य जफीरुल आजाद व मुखिया पति मुन्ना ने ग्रामीणों को शांत कराया। सूचना पर थानाध्यक्ष पीके पासवान व सीओ मणि कुमार वर्मा दलबल वहां पहुंच स्थिति को काबू में किया। ग्रामीणों ने सुरहा निवासी अमीर मियां, तेजू कुमार प्रसाद, फिरोज मियां, वीरेन्द्र प्रसाद, प्रह्लाद प्रसाद, सुखल प्रसाद, गुलाबी मियां के विरूद्ध सीओ को आवेदन दिया है। आवेदन के आधार पर सीओ ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ सरकारी संपति को नष्ट करने व आमजन के मार्ग को अवरुद्ध करने का मामला मुफ्फसिल थाने में दर्ज कराया है। ग्रामीण सरोज कुमार यादव, रामानंद राय व राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि हम लोग सुरहा होकर आते-जाते हैं। इससे इन लोगो को तकलीफ होती है। जबकि यह प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कुंआरी देवी चौक से कटहा लोकनाथपुर तक वाया बथना होकर बन रही है। इस सड़क से शहर की दूरी काफी कम हो जाती है।

बाढ़ से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को किया गया अलर्ट, कर्मियों की छुट्टियां रद्द

मोतिहारी| जिले के कई प्रखंडों में आई बाढ़ व संभावित बाढ़ को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। प्रभारी सीएस डॉ केएन गुप्ता ने जिले के सभी 27 प्रखंडों को दो जोन में बांटकर बाढ़ के दौरान होने वाले रोग से निपटने के लिए रूटीन की दवा के अलावा अन्य 17 प्रकार की दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश सदर अस्पताल सहित सभी रेफरल व पीएचसी प्रभारियों को दिया है। दोनों जोन के स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक-एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम के साथ आशा कार्यकर्ताओं की भी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्टैटिक दल के गठन का भी निर्देश दिया है। स्टैटिक दल अधीनस्थ गांव व पंचायत का भ्रमण करते रहेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलंत औषधालय भी सक्रिय रहेंगे। दुर्गम स्थानों पर पहुंचने के लिए हर प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को नाव की आपूर्ति कराने को लेकर डीएम को पत्र भेजा गया है। प्रभारी सीएस ने पूरी बाढ़ अवधि तक डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी रद कर दी है।

शनिवार की सुबह से ही सपही, झिटकाही, महम्मदपुर व खोड़ीपाकड़ बांध में होने लगा रिसाव

17 तरह की दवा उपलब्ध रखने का दिया गया निर्देश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए 17 तरह की प्रमुख दवाओं का स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है। जिसमें ओआरएस, 2.5 प्रतिशत ग्लूकोज स्लाइन, नॉर्मल स्लाइन, रिंगर लेक्टेट, सिप्रोफ्लेक्सेसिन टेबलेट, मेट्रोनिडाजोल टेबलेट, पैरासिटामोल टेबलेट, डाइसाइक्लोमिन-पारासिटामोल टेबलेट, एंटी इमेटिक दवा, ट्रांस्फ्यूजन सेट, गॉज, बैनडेज, ब्लिचिंग पाउडर, हैलोजन टेबलेट, एआरवी व एएसवीएस शामिल है।

सभी बाढ़ प्रभावित प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रखंड मुख्यालय में नक्शा उपलब्ध रखें। ताकि स्थलों के भ्रमण में सहूलियत हो सके।

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