किसानों को नहीं मिलेगा मूंग और ढैंचा के बीज

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:25 AM IST

Motihari News - केंद्र व राज्य सरकार एक ओर किसानों की आमदनी दोगुना करने का प्रचार कर रही है। दूसरी तरफ कृषि विभाग की उदासीनता के...

Motihari News - farmers will not get moong and dhaincha seeds
केंद्र व राज्य सरकार एक ओर किसानों की आमदनी दोगुना करने का प्रचार कर रही है। दूसरी तरफ कृषि विभाग की उदासीनता के कारण इस साल हरी चादर योजना के तहत अनुदान पर मिलने वाली मूंग व ढैंचा के बीज किसानों को नही मिलेगा। जिसके कारण जिले के कई किसान मूंग व ढैंचा की खेती से वंचित हो जाएंगे। किसानों की आर्थिक तरक्की के लिए सरकार व कृषि विभाग कई योजनाएं चला रही है। कृषि रोड मैप के तहत कृषि विभाग कम लागत में अच्छी उपज के लिए किसानों को जागरूक कर रही है। वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को अनुदानित दरों पर बीज देकर उन्हें आर्थिक मदद कर रही है। हरी चादर योजना भी सरकार व कृषि विभाग की एक महत्वाकांक्षी योजना है। लेकिन यह महत्वकांक्षी योजना कृषि विभाग की उदासीनता के कारण इस साल सफलीभूत नही हो रहा है।

यह है योजना : हरी चादर योजना रबी फसलों की कटनी के बाद खाली खेतों में किसानों को मूंग व ढैंचा के बीज अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराया जाता है। ताकि किसान अपने खेतों में ढैंचा व मूंग की बुआई कर सके।

मूंग व ढैंचा की खेती से मिलता है उत्तम खाद

मूंग की खेती के पश्चात व ढैंचा की खड़ी फसल को खेतों में दबा दिया जाता है। जो सड़ कर उत्तम खाद बन जाता है। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है।

मूंग पर 80 व ढैंचा पर 90 प्रतिशत अनुदान

किसानों को हरी चादर योजना के तहत मूंग के बीज पर 80 प्रतिशत व ढैंचा के बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान मिलता था। अनुदान की राशि किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ऑनलाइन भेजी जाती थी।

यह कहते हैं जिला कृषि पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ ओंकारनाथ सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के द्वारा इस बार अनुदान पर किसानों को मूंग व ढैंचा का बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसका मुख्य कारण लोकसभा चुनाव में सभी कर्मियों की व्यस्तता है। इसके अलावा मूंग व ढैंचा की खेती का समय भी अब बीत गया है।

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