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पेड़-पौधे को स्नेह व प्यार मिलेगा तो वह हमारे परिवार को अमृत तुल्य अनाज के साथ सुख, शांति व समृद्धि भी दंेगे

Motihari News - पेड़ व पौधे भावना के भूखे होते हैं। फसलों व पेड़-पौधों को केमिकल रूपी जहर न दें। हम जो देंगे वहीं हमें मिलेगा। फसल...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:10 AM IST
Motihari News - if the tree plant will get love and affection then it will give happiness peace and prosperity to our family with nectar grains
पेड़ व पौधे भावना के भूखे होते हैं। फसलों व पेड़-पौधों को केमिकल रूपी जहर न दें। हम जो देंगे वहीं हमें मिलेगा। फसल भावना स्नेह और प्रेम चाहते हैं। अगर हम उन्हें यह सब दें तो वह हमारे परिवार को अमृत तुल्य अनाज तो देगी ही, सुख शांति और समृद्धि भी देगी। यह बातें अरेराज अनुमंडल के सिरनी में आयोजित दो दिवसीय शाश्वत यौगिक खेती किसान प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के बाद मुंबई से पधारे यौगिक खेती विशेषज्ञ बीके बाला भाई ने कही। उन्होंने कहा कि दिनोंदिन समस्याएं बढ़ने का मुख्य कारण आध्यात्मिकता की कमी है। कहा कि जब धर्म व राज सत्ता फेल हो जाती है तब ईश्वरीय सत्ता स्थापित होती है। बाला भाई ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों में यौगिक खेती की पढाई चल रही है। शाश्वत यौगिक खेती भारत की प्राचीन खेती प्रणाली है। पहले किसान पेड़-पौधों की पूजा करते थे। खेत,बीज आदि की भी पूजा करते थे। धरती को माता की परिभाषा किसानों ने हीं दिया है। किसानों को अन्नदाता भी कहा जाता है, लेकिन समय की गति के साथ और धन लोलुपता ने धरती को नाराज कर दिया है। रासायनिक खेती ने यह सब किया है। बाला भाई ने कहा कि 1200 रुपए का रासायनिक खाद और कीटनाशक किसान अपने घर पर मात्र 12 रूपया में तैयार कर सकते हैं। कहा कि अब हमें धरती को जहर देना बंद करना है। उन्होंने गोमूत्र,गोबर दूध,उड़द के दाल एवं अन्य सहज उपलब्ध स्थानीय साधनों से यौगिक खाद एवं कीटनाशक बनाने की सहज विधि बतलाई। कार्यक्रम में बीके मीना बहन ने आगत अतिथियों का स्वागत तिलक लगाकर एवं गुलदस्ता देकर किया।

प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि व अन्य।

चंपारण कृषि प्रधान जिला है : बीके मीना

बीके मीना ने अपने संबोधन मे कहा कि चंपारण कृषि प्रधान जिला है। यहां यौगिक खेती काफी सफल होगी। कहा कि यहां सिरनी में15 एकड़ जमीन में खेती की जाएगी। बीके अबीता ने कार्यक्रम के संचालन के दौरान बताया कि देश में हजारों एकड़ में सफल यौगिक खेती हो रही है। बीके अंजना ने पश्चिम चंपारण के बड़े भू-भाग पर खेती आरंभ करने की घोषणा की। आयोजक बीके शशि भाई ने कहा कि सन 2000 में माउंट आबू में मेरे मन में आया संकल्प आज साकार होते देख काफी खुशी हो रही है। दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में काफी संख्या में किसानों ने अपना पंजीकरण कराया।

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