मास्क लगाने से कोरोना से बचाव संभव नहीं है
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सह कोरोना के नोडल पदाधिकारी नागेडकवर प्रसाद ने सदर अस्पताल के कर्मियों, मरीजों व परिजनों को कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बताए। सदर अस्पताल परिसर में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस आंख, मुंह व नाक के रास्ते लंग्स को प्रभावित करता है। ऐसे में सिर्फ मास्क लगाने से इससे बचाव संभव नहीं है। क्योंकि मास्क लगाने से सिर्फ नाक और मुंह को ही बंद रखा जा सकता है। आंख खुली रहती है। ऐसे में आंख में इंफेक्शन हो सकता है। कहा कि लोगों को इंफेक्शन से बचने के लिए चार फीट की दूरी बनाए रखनी चाहिए। इसके अलावा जिन्हें 10 दिनों में 104 डिग्री से अधिक बुखार व सुखी खांसी हो तथा सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से जरूर दिखानी चाहिए। कहा कि एन-95 की जगह सर्जिकल मास्क ही काफी है। कोरोना वायरस 39 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान तक हीं पनप सकता है। जैसे ही तापमान में बढ़ोतरी होंगी वायरस का प्रकोप अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ -सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हाथ को साबुन पानी या सेनेटाइजर से बराबर साफ करनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर इस वायरस के पनपने की संभावना बिल्कुल कम है। हमें बाहर से आए लोगों पर विशेष नजर रखनी है। संदिग्ध मरीज के मिलने की स्थिति में उसे आइसोलेशन वार्ड में रखना है।