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हड़ताल के 27वें दिन नियोजित शिक्षकों ने किया जल सत्याग्रह, मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन

एक वर्ष पहले
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बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति पूर्वी चंपारण के आह्वान पर जिले के नियोजित शिक्षकों को आंदोलन 27वें दिन शनिवार को भी जारी रहा। प्रखंड संसाधन केंद्र मोतिहारी के मुख्य द्वार पर शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। अध्यक्ष मंडल के सदस्य गोलू सिंह, अशोक चौधरी, प्रियरंजन सिंह, पिंकू कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षकों का पैसा काटकर अन्य योजनाओं में लगाकर आम लोगों की आंखों में सरकार धूल झोंकने का काम कर रही है। जनता के हाथ में कुछ पैसा थमा अपना वोट बैंक की राजनीति कर रही है यह सरकार। बच्चों के भविष्य की थोड़ी भी चिंता नहीं है। समन्वय समिति के सचिव मंडल के वरीय सदस्य ओमप्रकाश सिंह, अनिल सिंह, अश्विनी कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार कोरोना वायरस के बहाने आंदोलन को कमजोर करना चाह रही है। हम सभी शिक्षक आंदोलन के साथ-साथ कोरोना के प्रति भी जनजागरूकता अभियान चलाएंगे। शिक्षकों का यह आंदोलन शोषण के विरुद्ध है।

सभी मिलकर उठाएं आवाज

हड़ताल के 27 दिन बाद भी सरकार की ओर से शिक्षकों से बातचीत की कोई कोशिश नहीं हो रही है। हड़ताल के समर्थन में आए अध्यक्ष मंडल के सदस्य सह शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अरुण सिंह व उपाध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, रसोइया बहनें, आंगनबाड़ी सहायिका व सेविका, अतिथि शिक्षक, तालिमी मरकज सभी मिलकर आवाज उठाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मिथिलेश पाठक ने की। मौके पर प्रमोद कुमार, लक्ष्मी प्रकाश, सुधा सिन्हा, नीरज कुमार, बलिंद्र सिंह, हरेंद्र नाथ धीरज, अशोक कुमार बैठा, रमेश गुप्ता, सुभाष कुमार, कृष्ण कुमार, प्रमोद कुमार, अजीत कुमार, तरूण पासवान, रंजीत यादव, मणिभूषण यादव, रंजीत यादव, सैदुल्लाह अंसारी, जकी अहमद, बाबुल दास आदि थे।

मांगें पूरी नहीं हुई तो लेंगे जल समाधि

हड़ताल के 27वें दिन शिक्षकों ने मौसम की परवाह किए बिना जल में खड़ा हो अपने शरीर को यातना देते हुए जल सत्याग्रह किया। कहा कि सरकार हमारी न्यायोचित मांगों को शीघ्र पूरा करें, वरना हम जल समाधि लेने को विवश होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। मौके पर कमलाकान्त सिंह, श्रीनिवास प्रसाद, ओमप्रकाश यादव, अरविंद कुमार पांडेय, जयप्रकाश यादव, सज्जन यादव, अभिषेक कुमार, दीपनारायण यादव, ध्रुव प्रसाद, अरविंद यादव, शशि कुमारी, धर्मनाथ दास, वीणा कुमारी, सरोज रजक आदि मौजूद थे।

इधर, कोरोना को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाएंगे हड़ताली शिक्षक

एजुकेशन रिपोर्टर|मोतिहारी

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति पूर्वी चंपारण के आह्वान पर हड़ताल व तालाबंदी के 27वें दिन शनिवार को नियोजित शिक्षकों ने चरखा पार्क में धरना दिया। इस कड़ी में शिक्षकों ने जुलूस निकाला व बेलीसराय पोखर में जल सत्याग्रह किया। इसका नेतृत्व संघर्ष समिति के संयोजक प्रमोद कुमार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण राज्य में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। बावजूद इसके सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। यह सरकार के दोहरा चरित्र एवं हिटलरशाही का धाेतक है। हमारी सभी मांगें जायज हैं। समन्वय समिति के सदस्य डॉ राधामोहन यादव व संजीत कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षकों को संवेदनशीलता एवं उदारता का परिचय देने के लिए कहना दुर्भाग्यपूर्ण एवं हास्यास्पद है। जिला उपाध्यक्ष रीता गुप्ता, विवेक भूषण, धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा एवं शिक्षकों पर चुप्पी साधना उनकी मानसिकता को दर्शाता है। सरकार को शिक्षा एवं शिक्षकों के हित में सोचना चाहिए।

पोखरा में जल सत्याग्रह करते शिक्षक।

शिक्षकाें ने कहा-सरकार की हठधर्मिता के कारण शिक्षा व्यवस्था ठप

बीआरसी मोतिहारी के समक्ष प्रदर्शन करते नियोजित शिक्षक।
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