झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर अब तक नहीं की गई कठोर कार्रवाई
अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नीरज कुमार ने अरेराज मुख्यालय स्थित 20 झोलाछाप चिकित्सकों के नाम तथा उनके क्लिनिक का पता निर्दिष्ट करते हुए सूची तैयार कर विगत 18 फरवरी को सिविल सर्जन को भेजा था। सूची उपलब्ध होने के बाद भी न तो अबतक इन चिकित्सकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिस कारण ऐसे कथित चिकित्सक इलाज के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों को अपने निजी क्लिनिक में फंसाकर ले जाते हैं अाैर वहां इलाज के नाम पर आर्थिक दोहन करते हैं। वहीं मरीजों को दवा भी ऐसी दी जाती है। जिससे साइड इन्फेक्शन हो जाता है। कभी-कभी तो मरीज की मौत भी हो जाती है। गत दिन संग्रामपुर में ऐसी घटना घटी थी जिसमें एक महिला की झोलाछाप चिकित्सक के इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इधर, ऐसे चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के बजार सीएस व अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी एक-दूसरे की
ओर टकटकी लगाए हैं। सिविल सर्जन डॉ. रिजवान अहमद ने बताया कि उपाधीक्षक कार्रवाई के लिए समर्थ हैं। मुझसे जिस प्रकार की सहायता अपेक्षित होगी उपलब्ध कराऊंगा। कार्रवाई के लिए मेरी सहमति है। उपाधीक्षक डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के कारगुजारियों की सूचना उन्हें भी मिली है। उनपर कार्रवाई के लिए अधिकारियों से बात कर रहा हूं।