महापुरुष की शरणागति के बिना मनुष्य अपने अंदर ईश्वर का दर्शन नहीं कर सकता, गुरु की नाव पार करता है : अभेदानंदजी

Motihari News - नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय शिवकथा के सातवें व अंतिम दिन कथावाचक अभेदानंदजी ने परमात्मा के...

Nov 15, 2019, 08:35 AM IST
Motihari News - without the refuge of the great man man cannot see god inside himself crosses the boat of the guru abhedanandji
नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय शिवकथा के सातवें व अंतिम दिन कथावाचक अभेदानंदजी ने परमात्मा के नित्य, निमित्त व आवेश अवतार की चर्चा की। कहा कि नित्य अवतार लगातार बने रहते हैं और धरा पर आते रहते हैं। जैसे- श्रीरामकृष्ण परमहंस। वहीं निमित्त अवतार एक बड़ी योजना लेकर आते हैं, जैसे प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, महात्मा बुद्ध व शंकराचार्य। वे परमात्मा के निमित्त अवतार थे। आवेश अवतार समय-समय पर ही प्रकट होते हैं और अविलंब गायब हो जाते हैं। जैसे- बराह व नरसिंह अवतार। हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को डूबो दिया और वेदों को चुना लिया था, तब भगवान बराह अवतार लेकर उसका वध किया था। हिरनीयकश्यप को मारने के लिए प्रभु ने नरसिंह अवतार लिया और हिरण्यकश्यप का वध किया, यह दोनों आवेश अवतार थे।

नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय शिवकथा में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।

इंसान निकलता तो है भगवान की खोज में, रास्ते में आ जाते हैं गुरु

कथावाचक ने कहा कि महापुरुष की शरणागति के बिना मनुष्य अपने अंदर में ईश्वर का दर्शन नहीं कर सकता। इंसान निकलता तो है भगवान की खोज में, लेकिन रास्ते में आ जाते हैं गुरु। ध्रुव प्रह्लाद निकले ईश्वर की खोज में उनके जीवन में गुरु देव ऋषि नारद, विवेकानंद को रामकृष्ण परमहंस, मीराबाई कृष्ण की भक्ति प्राप्त करने के लिए संत रविदास की शरणागत हुई, नामदेव जिसने 72 बार भगवान के खुली आंखों से दर्शन किए थे, उनके जीवन में गुरु थे विशोभा खीचड़। अभेदानंदजी ने कहा कि जीवन में गुरु ही मानवीय नौका को भव पार करता है। पार्वती से कहा हे पार्वती कोई कितनी मेरी पूजा कर ले या विष्णु की पूजा कर ले गुरु ज्ञान के बिना सब अधूरा है, हे पार्वती झूठे गुरुओं से बचना चाहिए जो असत्य भाषण करते हैं, जो स्वयं अशांत हैं।

कथावाचक अभेदानंदजी।

50 लोगों ने की दीक्षा प्राप्त

शिवकथा में अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अपने अंदर दिव्य दृष्टि के माध्यम से भोलेनाथ के कर्पूर गौरम 12 ज्योतिर्लिंग कपूर के समान गौर वर्ण का तेज प्रकाश अपने अंदर जाना। मौके पर करीब 50 लोगों ने दीक्षा प्राप्त की। कथा के मुख्य यजमान मनोज कुमार, रेणु देवी, अनूप भगत, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, नीलम देवी, अमरजीत पंडित, रामसेवकजी के अलावा कथा व्यासजी के साथ मंच पर स्वामी यादव यादवेन्द्रनंद जी, संगीतज्ञ साध्वी अमृता भारती, ममता भारती, शालिनी भारती, सुबोधानंदजी, रामजी, गोपालजी, प्रवेशजी, रामचंद्रजी, स्वामी सुकर्मानंदजी, रघुनंदन नंद, संजय सिंह आदि उपस्थित थे।

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