इटवा में जारी है फगुआ की परंपरा
होली के मौके पर अब गांव से लेकर शहर तक के चौपालों पर पारंपरिक गीत पर ढोल की थाप सुनाई नहीं देती है। किन्तु धरहरा प्रखंड के दशरथपुर ईटवा में आज भी वर्षों से चली आ रही पूर्वजों की परंपरा यहां के ग्रामीण निभा रहे हैं। 29 फरवरी से ही ईटवा के ग्रामीण होली के रंग में डूब चुके हैं। ईटवा के कुछ ग्रामीण झाल और ढोल की थाप पर प्रतिदिन शाम में होली गीत फगुआ गाकर गांव के माहौल को होली जैसा रंग-बिरंगी करने में लगे हैं। जहाँ होली की रंग-बिरंगी गीत, आज सुमरहो गणेश, कन्हैया फेंके गुलाल, होली खेले रघुवीरा अवध में होली खेले रघुवीरा का शुर उठानें मे लगे हैं। ग्रामीण पंकज मिश्रा, रामकृष्ण मिश्रा होली गीत पर ढोल की थाप देने मे लगे हैं वहीं पिन्टू पाठक व सुनील पाठक तथा झाल से ढोल का सुर मिलाने में लगे हैं। अनमोल मिश्रा, छोटू मिश्रा, केशव मिश्रा, बलराम मिश्रा, कैलाश मिश्रा इन सभी के साथ टुनटुन सिंह, बुधो सिंह, परमेश्वरी मिश्रा, वेदानंद मिश्रा, दीपक मिश्रा, सनोज झा सहित दर्जनों ग्रामीण चौराहे पर बैठकर घंटों होली गीत फगुआ का आनंद ले रहे है।
धरहरा में फगुआ गाते युवाओं की टोली।