श्रीमद् भागवत केवल पुस्तक नहीं साक्षात श्रीकृष्ण स्वरुप है : शास्त्री

Munger News - इटवा दशरथपुर स्थित रेडक्रास मैदान में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन रविवार को पंडित...

Feb 17, 2020, 07:25 AM IST
Dharhara News - shrimad bhagwat is not just a book but is a form of shri krishna shastri

इटवा दशरथपुर स्थित रेडक्रास मैदान में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन रविवार को पंडित कृष्णकांत शास्त्री जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण श्रवण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है। क्योंकि कल्पवृक्ष मात्र तीन वस्तु अर्थ, धर्म और काम ही दे सकता है।

मुक्ति और भक्ति नहीं दे सकता है। लेकिन श्रीमद् भागवत तो दिव्य कल्पतरु है यह अर्थ, धर्म, काम के साथ साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त कराता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल पुस्तक नहीं साक्षात श्रीकृष्ण स्वरुप है। इसके एक एक अक्षर में श्रीकृष्ण समाये हुये है। उन्होंने कहा कि कथा सुनना समस्त दान, व्रत, तीर्थ, पुण्यादि कर्मों से बढ़कर है।

उन्होंने कहा कि भागवत के चार अक्षर का तात्पर्य है कि भ से भक्ति, ग से ज्ञान, व से वैराग्य और त त्याग, जो हमारे जीवन में प्रदान करे उसे हम भागवत कहते है। इसके साथ साथ भागवत के छह प्रश्न, निष्काम भक्ति, 24 अवतार श्री नारद जी का पूर्व जन्म, परीक्षित जन्म, कुंती देवी के सुख के अवसर में भी विपत्ति की याचना करती है। क्योंकि दुख में ही तो गोविंद का दर्शन होता है।

प्रवचन करते कृष्णकांत शास्त्री व मौजूद श्रद्धालु।

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