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सतर्कता ही कोरोना से बचाव

एक वर्ष पहले
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ट्रैवल हिस्ट्री और लक्षण देख जमालपुर पीएचसी प्रभारी ने सदर अस्पताल किया था रेफर, आइसोलेशन वार्ड में हुआ भर्ती

कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज गुरुवार की शाम सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हुआ। मरीज को जमालपुर पीएचसी से रेफर किया गया था। पीड़ित मरीज मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था। चार दिन पहले ही वह हांगकांग से वापस आया था। घर पहुंचने पर उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी तथा बुखार था। जिसका इलाज कराने वह जमालपुर पीएचसी पहुंचा था।

जहां प्रभारी चिकित्सक डॉ. बलराम प्रसाद ने मरीज का ट्रैवल हिस्ट्री और ब्रेथलेसनेस रहने की संभावना को देखते हुए कोरोना वायरस से पीड़ित रहने की संभावना जताई और सिविल सर्जन के निर्देश पर सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

मरीज का बीपी 100/60, पल्स 140, टेम्परेचर 97.6 डिग्री है, चेस्ट क्लीन है। डॉ. सोहन लाल ने मरीज को सैंपल जांच के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया है। हालांकि मरीज के परिजन सुबह पीएमसीएच जाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मरीज सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाजरत है। डॉ. प्रेमरंजन दूबे ने बताया कि मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। मरीज का पटना मंे पीसीअार जांच होगा। जांच में रिएक्टिव पाए जाने पर कोविड-19 जांच के लिए सैंपल को पूणे भेजा जाएगा। फिलहाल मरीज के कोरोना पॉजेटिव रहने की संभावना कम है।

मरीज को बिना देखे पर्ची पर लिख दिया रेफर

सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीज के पहुंचते ही डॉक्टर सोहन लाल इमरजेंसी कक्ष के बाहर ही एम्बुलेंस के ईएमटी से मरीज का पुर्जा जमीन पर रखने को कहा और बिना मरीज की जांच किए या मरीज के पास गए ही पुर्जा पर सीधे रेफर लिख दिया।

सदर अस्पताल में मरीज व कर्मियों में दहशत, एंबुलेंस से बनाई दूरी

कोरोना का संभावित मरीज सदर अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल में मौजूद मरीज व कर्मियों के बीच दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। अस्पताल के सभी कर्मी चेहरे पर मास्क लगाए नजर आए। जबकि इलाज कराने अस्पताल पहुंचे मरीज अस्पताल से बाहर निकलते नजर आए। जिस एम्बुलेंस से मरीज को लाया गया था, उस एम्बुलेंस के आस पास कोई भी व्यक्ति नहीं सटना चाह रहा था।

डॉक्टर के लिए प्रोटेक्शन किट की व्यवस्था

पीड़ित मरीज को सैंपल कलेक्शन के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। पीसीआर टेस्ट के बाद रिएक्टिव पाए जाने पर कोविड-19 जांच के लिए पूणे भेजा जाएगा। कोविड-19 जांच के बाद यदि रिपोर्ट पॉजिटिव पाया जाता है तभी कोरोना की पुष्टि की जा सकेगी। फिलहाल मरीज को सावधानी के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। कोरोना के मामले में कई तरह की अ‌फवाह है। इससे डरने की जरूरत नहीं है।
डॉ. निरंजन कुमार, अस्पताल उपाधीक्षक मुंगेर।

सभी आंगनबाड़ी केन्द्र अगले आदेश तक बंद

कोरोना वायरस के संभावित मरीज मिलने की सूचना मिली है। सैंपल जांच की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट में पीड़ित के कोरोना से ग्रसित पाए जाने की पुष्टि होने के बाद स्कूलों में अवकाश के लिए विभाग से निर्देश मांगा जाएगा। फिलहाल सरकार के आदेश पर बाल विकास परियोजना द्वारा संचालित जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है।
- राजेश मीणा, डीएम।

4 दिन पहले हांगकांग से लौटे मर्चेंट नेवी के कर्मी में कोरोना के संदिग्ध लक्षण पटना से पूणे भेजा जाएगा सैंपल, जांच के बाद होगी पुष्टि, पीएमसीएच रेफर

बिना प्रोटेक्शन कीट के पहुंचे अस्पताल

जमालपुर से रेफर मरीज, उनके परिजन व एम्बुलेंस चालक कृष्ण मुरारी तथा ईएमटी नवीन कुमार जब अस्पताल पहुंचे तो किसी के पास कोई प्रोटेक्शन कीट नहीं था। सभी सिर्फ मुंह को मास्क से ढके थे। यहां तक कि किसी ने हाथ में ग्लब्स भी नहीं लगाया था। एम्बुलेंस के ईएमटी व चालक ने बताया कि हम लोगों को प्रोटेक्शन कीट या ग्लब्स नहीं दिया गया है। जबकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि 03 हजार मास्क और ग्लब्स और प्रोटेक्शन कीट 10 पीस मुहैया कराया गया है।

कोरोना के खौफ के बीच मास्क लगाए सदर अस्पताल के कर्मी।
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